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भारत के मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई महेश्वरी प्रसाद इंटर,कॉलेज के वार्षिक महोत्सव कार्यक्रम में हुए शामिल

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News By- हिमांशु उपाध्याय / नितिन केसरवानी

स्वर्गीय देवेंद्र नाथ श्रीवास्तव जी के स्मृति दिवस में मनाया जाता है वार्षिक उत्सव

कौशाम्बी:  मूरतगंज ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत आलम चंद स्थिति महेश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज के वार्षिक महोत्सव कार्यक्रम में शनिवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई शामिल हुए मुख्य न्यायाधीश बी आर गंवई का कालेज में भव्य स्वागत किया गया,इस कार्यक्रम में इलाहाबाद हाईकोर्ट सहित संबंधित न्यायालय के तमाम न्यायाधीश भी कार्यक्रम के शामिल हुए।

मुख्य न्यायाधीश का कार्यक्रम महेश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज, आलमचंद में आयोजित किया गया है, जहाँ वह न्याय व्यवस्था एवं संवैधानिक मूल्यों पर आधारित कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।

कार्यक्रम स्थल पर जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा और पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार स्वयं मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं, तथा कार्यक्रम स्थल के चारों ओर पुलिस बल तैनात किया गया है।

बताया जा रहा है कि सीजेआई न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई का यह दौरा न्यायिक व्यवस्था की मजबूती और जनजागरूकता के उद्देश्य से किया जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता एवं छात्र बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित हैं।

चायल तहसील क्षेत्र के आलमचन्द्र स्थित महेश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज में शनिवार को आयोजित वार्षिक महोत्सव कार्यक्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI ) न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई शामिल हुए।मुख्य न्यायाधीश के आगमन पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सहित तमाम न्यायाधीश भी कार्यक्रम में पहुंचे।
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI ) न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई का कार्यक्रम में भव्य स्वागत किया गया।इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश विक्रमनाथ श्रीवास्तव,इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली,इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति संगीता श्रीवास्तव व प्रबंधक वत्सल नाथ व प्रधानाचार्य जितेंद्र नाथ श्रीवास्तव व समस्त स्कूल का स्टाफ सहित तमाम लोग मौजूद रहे। सुप्रीमकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के आगमन को लेकर जिला अधिकारी पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए थे मुख्य न्यायाधीश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कार्यक्रम स्थल और आसपास भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई थी स्वर्गीय देवेंद्र नाथ श्रीवास्तव की स्मृति दिवस पर स्कूल के बच्चों ने विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया है स्मृति दिवस पर विद्यालय के बच्चों द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम प्रस्तुत कर वार्षिकोत्सव की शोभा बढ़ाई है|

भारत के माननीय मुख्य न्यायमूर्ति जी, मा0 न्यायमूर्ति सर्वोच्च न्यायालय श्री विक्रमनाथ जी, मुख्य न्यायमूर्ति इलाहाबाद उच्च न्यायालय श्री अरूण भन्साली जी एवं कुलपति इलाहाबाद विश्वविद्यालय श्रीमती संगीता श्रीवास्तव जी ने पुस्तक का विमोचन किया।
भारत के माननीय मुख्य न्यायमूर्ति जी ने महेश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज द्वारा संचालित छात्रवृत्ति स्व0 “प्रतिभा श्रीवास्तव स्मृति छात्रवृत्ति” के तहत् छात्रा जान्हवी को प्रदान किया। इसके साथ ही उन्होंने “स्व0 शकुन्तला श्रीवास्तव स्मृति छात्रवृत्ति” के तहत् छात्राओं-सना परवीन, सृष्टि यादव व मनोरमा कुमारी एवं छात्र अभिषेक कुमार तथा “विश्वेषनाथ एकल छात्रवृत्ति” के तहत् छात्रा-प्रियंका गुप्ता एवं छात्र आयुष सिंह व नितिन सिंह को प्रदान किया।
भारत के माननीय मुख्य न्यायमूर्ति जी ने अपने सम्बोधन में कहा कि न्यायामूर्ति विक्रम नाथ जी अपने जड़ों से जुड़े हुए हैं। व्यक्ति कितना ही बड़ा बन जाय, उसे अपने जड़ों से जुड़ा रहना चाहिए। संस्कृति एवं परम्परा को भूलना नहीं चाहिए। विद्यालय के बच्चों ने बहुत ही अच्छा कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इससे पता चलता है कि इस विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था बहुत ही अच्छी है। “विविधता में एकता” हमारे देश का मूल है। कौशाम्बी की धरती भगवान गौतम बुद्ध के कार्य के लिए जानी जाती हैं। यहॉ की संस्कृति अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 14 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा का प्राविधान करता है। उन्होंने बच्चां से कहा कि आप इस देश के भविष्य है। कल का भारत कैसा रहेंगा, यह आप पर निर्भर करता है।


मा0 न्यायमूर्ति सर्वोच्च न्यायालय श्री विक्रमनाथ जी ने बच्चों से कहा कि शिक्षा व मेहनत बहुत ही महत्वपूर्ण है। शिक्षा और मेहनत से हम आगे बढ़ सकते हैं।
मा0 मुख्य न्यायमूर्ति इलाहाबाद उच्च न्यायालय जी ने अपने सम्बोधन में कहा कि सन-1966 में जब यह क्षेत्र शिक्षा के आलोक से वंचित था, तब इस विद्यालय की नीव रखी गई। इस कठिन और पिछड़े क्षेत्र में शिक्षा का बीज बोना किसी यज्ञ से कम नहीं है। शिक्षा के बीज ने 2700 से अधिक विद्यार्थियों का एक विशाल वटवृक्ष का रूप लिया है। यह ऑकड़े मात्र संख्या नहीं है, यह ग्रामीण भारत के अदम्य इच्छाशक्ति का प्रतीक है, जो ज्ञान के माध्यम से अपने भाग्य को बदलने का साहस रखते हैं। यह कॉलेज केवल एक इमारत नहीं है, यह ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्य धारा से जोड़ने का एक पुल हैं। हमारे संविधान के अनुच्छेद 21(क) ने 06 से 14 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा वह कुंजी है, जो लोकतंत्र के हर ताले को खोल सकती हैं। शिक्षा वह ज्ञान है, जो किसी भी व्यक्ति को अदालत तक ले जाकर अपने अधिकार को मांगने की शक्ति देता है। शोषण के विरूद्ध आवाज उठाने का साहस देती है। शिक्षा वह कलम है, जिससे आप अपना और राष्ट्र का भविष्य लिखेंगे। शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं है, अपितु यह आपके व्यक्तिगत चरित्र और राष्ट्र निर्माण में भी योगदान देती है।

इस अवसर पर मा0 न्यायामूर्ति इलाहाबाद उच्च न्यायालय श्री कुणाल रवि सिंह व श्री सौमित्रा दयाल सिंह सहित अन्य मा0 न्यायामूर्तिगण, प्रबन्धक श्री वत्सल नाथ एवं प्रधानाचार्य श्री जितेन्द्र नाथ श्रीवास्तव तथा मण्डलायुक्त प्रयागराज सौम्या अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक श्री अजय कुमार मिश्रा, जिलाधिकारी डॉ0 अमित पाल, पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुमार एवं मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहें।

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