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उच्च शिक्षा के लक्ष्य की प्राप्ति में मुक्त विश्वविद्यालय की भूमिका महत्वपूर्ण-माननीय राज्यपाल

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News By- नितिन केसरवानी

*मुक्त विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह में उमा यादव को मिला कुलाधिपति स्वर्ण पदक, 28 हजार से अधिक शिक्षार्थियों को मिली उपाधि*

*प्रयागराज: उ0प्र0 राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज का 20वां दीक्षान्त समारोह सोमवार को सरस्वती परिसर स्थित अटल प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया। दीक्षान्त समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की मा0 राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने की।

मा0 राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि उच्च शिक्षा के लक्ष्य की प्राप्ति में मुक्त विश्वविद्यालय की भूमिका महत्वपूर्ण है। समाज के कम से कम 50 प्रतिशत युवाओं की पहुंच उच्च शिक्षा तक होनी चाहिए। इसमें मुक्त विश्वविद्यालय को अतिरिक्त प्रयास करने की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय यह कार्य अपने क्षेत्रीय केंद्रों के माध्यम से पूरा कर सकता है। दूरस्थ शिक्षा की गुणवत्ता के लिए ऑनलाइन सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग किया जाना चाहिए। इस अवसर पर मा0 राज्यपाल ने बिगड़ते पर्यावरण पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इस अवसर पर उच्च प्राथमिक विद्यालय बेरुई के बच्चों द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर दी गई प्रस्तुति की सराहना की। मा0 राज्यपाल महोदया ने महिलाओं में बढ़ते सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी वैक्सीनेशन की मुहिम के लिए जन सहभागिता की अपील की। मा0 राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि उन्होंने प्रदेश की महिलाओं को कैंसर से बचाव के लिए जो मुहिम चलाई है उसमें प्रशासनिक अधिकारी अपना सहयोग प्रदान करें।

मुख्य अतिथि प्रोफेसर उमा कांजीलाल, कुलपति, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली ने आभासी रूप में दीक्षान्त भाषण देते हुए कहा कि इस समय युवा ही विकसित भारत का निर्माण कर सकते हैं। इसके लिए युवाओं को अपनी समस्त ऊर्जा का उपयोग देश के विकास के लिए करना चाहिए। प्रोफेसर कांजीलाल ने कहा कि इस दौर में भारत अंतरिक्ष विज्ञान, कृषि, सुरक्षा तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहा है। हमें भी इसमें अपना योगदान देना है। वर्तमान में ओडीडी एल, कृत्रिम मेधा, मशीन लर्निंग एवं ऑनलाइन टीचिंग लर्निंग आदि शिक्षा के विस्तार और पहुंच को सुनिश्चित करने वाले प्रभावी और महत्वपूर्ण माध्यम उपलब्ध हैं। इन माध्यमों का प्रयोग करके हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों की प्राप्ति में महती भूमिका अदा कर सकते हैं। यह नीति भारतीय मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान के समावेश के साथ-साथ आधुनिकता और नवाचार को भी प्रोत्साहित करती है।

विशिष्ट अतिथि श्री योगेंद्र उपाध्याय, उच्चशिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार ने उपाधि एवं स्वर्ण पदक प्राप्त शिक्षार्थियों से कहा कि वैश्वीकरण के इस युग में उन्हें आधुनिक विज्ञान और तकनीक का ज्ञान अर्जित करना होगा। ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल पुस्तकालय, वर्चुअल लैब्स और स्मार्ट क्लासरूम जैसी सुविधाएं शिक्षा के स्वरूप को बदल रही है। श्री उपाध्याय ने कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय का महत्व इसी कारण और भी बढ़ गया है, क्योंकि यह उन विद्यार्थियों तक दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से शिक्षा पहुंचा रहा है। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में जलवायु परिवर्तन, बेरोजगारी, जनसंख्या वृद्धि, पर्यावरण संकट और सामाजिक असमानता जैसी अनेक चुनौतियां हमारे सामने होंगी, जिनके समाधान के लिए शिक्षित, सजग और जिम्मेदार नागरिकों की आवश्यकता है।

विशिष्ट अतिथि श्रीमती रजनी तिवारी, उच्चशिक्षा राज्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक अर्थ ज्ञान को जीवन से जोड़ना है। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले शिक्षार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वह मूल्य और संस्कार को आत्मसात करते हुए अपने व्यक्तित्व को ऐसा बनाएं जो समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी हो। उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने न केवल हमारी जीवन शैली बदल दी है बल्कि शिक्षा के स्वरूप को भी नई दिशा दी है। श्रीमती तिवारी ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना तभी साकार होगा जब युवा अपनी उर्जा, ज्ञान और नवाचार से इसमें योगदान देंगे।

20वें दीक्षान्त समारोह में विभिन्न विद्याशाखाओं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले शिक्षार्थियों को 27 स्वर्ण पदक प्रदान किये गये, जिनमें 15 स्वर्ण पदक छात्राओं तथा 12 स्वर्ण पदक छात्रों ने प्राप्त किए। दीक्षान्त समारोह में सत्र दिसम्बर-2024 तथा जून-2025 की परीक्षा के सापेक्ष उत्तीर्ण 28421 शिक्षार्थियों को उपाधि प्रदान की गयी, जिसमें 17268 पुरूष, 1 ट्रांस्जेंडर तथा 11152 महिला शिक्षार्थी हैं। इस अवसर पर उपाधियों एवं अंकपत्रों को डिजीलॉकर में अपलोड कर प्रसारित किया गया। 20वें दीक्षान्त समारोह में कुलाधिपति स्वर्ण पदक मा0 राज्यपाल महोदया ने क्षेत्रीय केंद्र अयोध्या से सम्बद्ध स्नातक विज्ञान की छात्रा सुश्री उमा यादव को दिया। सुश्री उमा ने बी.एस.सी. की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की तथा वे समस्त विद्याशाखाओं की स्नातक एवं स्नातकोत्तर परीक्षाओं में उत्तीर्ण समस्त स्नातक एवं परास्नातक शिक्षार्थियों में सर्वश्रेष्ठ रहीं।

इसके साथ ही मा0 राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक इस बार स्नातकोत्तर वर्ग में विद्याशाखाओं के 07 टापर्स को दिए। जिसमें मानविकी विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध एम.ए. (संस्कृत) की छात्रा सविता प्रजापति, समाज विज्ञान विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक प्रयागराज क्षेत्रीय केंद्र से सम्बद्ध एम.ए. (राजनीति विज्ञान) के छात्र आदित्य तिवारी , प्रबन्धन अध्ययन विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, प्रयागराज से सम्बद्ध एम.बी.ए. की छात्रा सृष्टि यादव, कंप्यूटर एवं सूचना विज्ञान विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक प्रयागराज क्षेत्रीय केन्द्र से सम्बद्ध एम.सी.ए. के छात्र सुश्रुत कुमार पाण्डेय, शिक्षा विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध एम.ए. (शिक्षाशास्त्र) के छात्र गिरजा शंकर, विज्ञान विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, आगरा से सम्बद्ध एम.एस.सी. (जैव रसायन) के छात्र सोमेश भारद्वाज, स्वास्थ्य विज्ञान विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, लखनऊ से सम्बद्ध एम0एस0सी0 (फूड एण्ड न्यूट्रीशन) की छात्रा नेहा कनौजिया प्रमुख रहीं।

मा0 राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने स्नातक वर्ग में भी विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक विद्याशाखाओं के 07 टापर्स को दिये, जिसमें मानविकी विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, लखनऊ से सम्बद्ध स्नातक (बी0ए0) के छात्र राजकमल नन्दा, समाज विज्ञान विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध स्नातक (बी0ए0) के छात्र उत्कर्ष पाण्डेय, प्रबन्धन अध्ययन विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, आजमगढ़ से सम्बद्ध स्नातक (बी0कॉम0) के छात्र प्रदुम्न चौहान, कम्प्यूटर एवं सूचना विज्ञान विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध स्नातक (बी0सी0ए0) के छात्र सूरज कुमार, शिक्षा विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध स्नातक (बी0एड0) की छात्रा श्वेता सिंह, विज्ञान विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध स्नातक (बी0एस0सी0) की छात्रा उमा यादव, स्वास्थ्य विज्ञान विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, झांसी से सम्बद्ध स्नातक (बी.एस.सी. ह्यूमन न्यूट्रीशन) की छात्रा हुमैरा हलीम प्रमुख रहीं।

दीक्षांत समारोह में मा0 राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने 12 मेधावी शिक्षार्थियों को दानदाता स्वर्ण पदक से सम्मानित किया, जिनमें बाबू ओमप्रकाश गुप्त स्मृति स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध बी0एड0 की छात्रा श्वेता सिंह, जोहरा अहमद मिर्जा स्मृति स्वर्ण पदक प्रयागराज क्षेत्रीय केन्द्र से सम्बद्ध एम.सी.ए. की छात्रा अंकिता कुमारी, श्री कैलाशपत नेवेटिया स्मृति स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र से सम्बद्ध एम.बी.ए. की छात्रा सृष्टि यादव, स्व0 अनिल मीना चक्रवर्ती स्मृति स्वर्ण पदक स्नातक वर्ग में क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या़ से सम्बद्ध स्नातक कला के छात्र उत्कर्ष पाण्डेय, स्व0 अनिल मीना चक्रवर्ती स्मृति स्वर्ण पदक स्नातकोत्तर वर्ग में क्षेत्रीय केंद्र, प्रयागराज से सम्बद्ध एम.ए. (राजनीति विज्ञान) के छात्र आदित्य तिवारी, प्रो. एम. पी. दुबे पर्यावरण/गांधी चिन्तन एवं शान्ति अध्ययन उत्कृष्टता स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध स्नातक कला के छात्र उत्कर्ष पाण्डेय, प्रो. एम. पी. दुबे दिव्यांग मेधा स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध बी0एड0 की दामिनी सिंह, महान राष्ट्रकवि श्रद्धेय पं0 सोहन लाल द्विवेदी स्मृति स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध एम0ए0 (हिन्दी) के छात्र रत्नेश द्विवेदी, स्वर्गीय प्रो. सुशील प्रकाश गुप्ता स्मृति स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केंद्र, अयोध्या से सम्बद्ध बी. एड. की छात्रा श्वेता सिंह, श्री संतोष कुमार दीक्षित स्मृति स्वर्ण पदक महिला वर्ग में क्षेत्रीय केंद्र, प्रयागराज से सम्बद्ध एम0बी0ए0 की छात्रा सृष्टि यादव, स्व0 श्रीमती चारूल पाण्डेय स्मृति स्वर्ण पदक क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ से सम्बद्ध स्नातकोत्तर (फूड एण्ड न्यूट्रीशन) की छात्रा नेहा कनौजिया तथा स्व0 डॉ0 मुरली धर तिवारी स्मृति स्वर्णपदक क्षेत्रीय केन्द्र, अयोध्या से सम्बद्ध बी0एस0सी0 (स्नातक विज्ञान) की छात्रा उमा यादव प्रमुख रहीं।

इस बार मा0 राज्यपाल के निर्देश पर दीक्षान्त समारोह के पूर्व विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गांवों में स्थित आंगनबाड़ी केन्द्रों, प्राथमिक/जूनियर विद्यालयों तथा माध्यमिक/उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में भाषण, चित्रकला एवं कहानी कथन प्रतियोगिताओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय द्वारा अंगीकृत गांवों में प्रतिभागियों ने प्रतियोगिताओं में काफी रुचि दिखाई। प्रतियोगिता में प्रथम तीन स्थान पाने वाले विजेताओं परी सिंह, अंश, अनामिका पटेल, सृष्टि शुक्ला, अन्तिमा पटेल, तमन्ना भारतीया, अदिति मौर्या, सूरज साहू, जान्हवी, पीहू, श्रेया पटेल, सेजल मौर्य, निहारिका, मोहिनी पटेल, अर्निका मौर्या, आराध्या साहू, गुंजन, रिमझिम, राम रतन, अमित सरोज, प्रिंसी पटेल, आयुषी तिवारी तथा सिमर साहू को दीक्षान्त समारोह के अवसर पर कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर गोद लिए गांव से एक स्कूली बच्चे सृष्टि शुक्ला ने राज्यपाल के समक्ष महिला सशक्तिकरण पर उद्बोधन प्रस्तुत किया। दीक्षान्त समारोह के अवसर पर आंगनबाड़ी केंद्रों को विश्वविद्यालय की तरफ से कुलाधिपति के द्वारा किट भेंट किया गया। मा0 राज्यपाल ने इस अवसर पर जिलाधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी को राज भवन की तरफ से पुस्तकें प्रदान की तथा प्राथमिक विद्यालय को पुस्तकें भेंट की। इस अवसर पर बेरुई गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों द्वारा पर्यावरण से संबंधित गायन सह अभिनय प्रस्तुति की गयी।

इस अवसर पर मा0 राज्यपाल की मौजूदगी में इलाहाबाद संग्रहालय से समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) भी किया गया। इसके अन्तर्गत मुक्त विश्वविद्यालय में संग्रहालय अध्ययन का कोर्स आरम्भ किया जाएगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पांच स्कूली छात्राओं को एचपीवी की वैक्सीन लगाई गई। दीक्षान्त समारोह भारतीय पारम्परिक परिधान में आयोजित किया गया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, महापौर श्री उमेश चंद्र गणेश केसरवानी, माननीय विधायक श्री गुरु प्रसाद मौर्य, श्री बाबूलाल तिवारी, कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार सिंह, पूर्व कुलपति प्रोफेसर पृथ्वीश नाग, महामंडलेश्वर कौशल्यानंद गिरि टीना मां, इलाहाबाद संग्रहालय के निदेशक श्री राजेश प्रसाद, उपेंद्र सिंह एवं जिला प्रशासन के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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