नगर प्रशासन मझौली की मनमानी बरकरार, पुतला दहन में अव्यवस्था व निष्क्रियता का आलम।
बगैर दुर्गा मूर्ति व मुख्य अतिथि के आनंन फानन में कर दिया गया पुतला दहन।
सीधी/मझौली
नगर प्रशासन मझौली की मनमानी एवं निष्क्रियता बरकरार बनी हुई है।जो रुकने को नाम नहीं ले रही। यहां चाहे राष्ट्रीय स्तर के हो चाहे प्रादेशिक स्टार के सभी शिविर
अभियान ,कार्यक्रमों या पर्व औपचारिकता पूर्ण निपटाए जा रहे हैं। कार्यक्रम आयोजन को लेकर कोई सक्रिय भूमिका निभाते नहीं देखा जा रहा है। मनमानी एवं निष्क्रियता लगातार का बोल वाला है। जिस कारण कार्यक्रम में अव्यवस्थाएं उत्पन्न हो रही हैं।

जिसका ताजा हाल मनाए गए विजयदशमी पर्व रावण पुतला दहन में देखने व सुनने को मिला। नगर प्रशासन के संयोजकत्व में शाहिद अनिल सिंह स्टेडियम मझौली में दशहरा पर्व औपचारिकता पूर्ण में निपटा दिया गया। यहां पर बगैर मुख्य अतिथि व समुचित व्यवस्था के आनंद -फानन में नगर अध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता के हाथों जिन्हें शायद तीर चलाने का भी अनुभव नहीं था रात्रि लगभग 10:30 बजे के करीब 35 फुटीय रावण पुतले के जगह औपचारिकता पूर्ण के रूप में निर्मित 15 से 20 फुट के रावण पुतले का दहन खरपतवार एवं पेट्रोल डालकर बगैर दुर्गा मूर्ति व मुख्य अतिथि के उपस्थिति में
कर दिया गया। इतना ही समुचित बैठक व्यवस्था के अभाव में पुरुषो के साथ महिलाओं तथा बच्चों को मैदान में घास व खरपतवार में बैठना व खड़ा रहना पड़ा। जिससे स्थानीय नागरिकों में गहरी नाराजगी व आक्रोश देखा गया। तथा कार्यक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। वही आर्केस्ट्रा मंडली श्री सीताराम पनिहा के द्वारा भजन कीर्तन की प्रस्तुति दी गई जहां एसडीओपी मझौली कुसमी मनमोहक भजन की प्रस्तुति दे लोगों को ताली बजाने के लिए मजबूर कर दिए।
*दुर्गा मूर्ति के न पहुंचने पर बबाल खड़े हुए सवाल*

दशहरा कार्यक्रम का आयोजन शाम 7 बजे से किया गया था जहां 9 बजे तक आर्केस्ट्रा मंडली, पुलिस प्रशासन एवं नगर प्रशासन के अधिकारी के अलावा गिने-चुने लोग नजर आए। बाद में ऐसे लोगों का जमावड़ा बना जो आज तक कभी नहीं देखे गए थे।सुनने को यह भी मिल रहा है कि क्षेत्रीय विधायक कुंवर सिंह के आगमन की सूचना पर नगर प्रशासन के अधिकारियों कर्मचारियों की खाली कुर्सी देखकर होश उड़ गए जो भीड़ जुटाना के लिए पास के ही लोगों को लालच दे एवं प्रेरित कर बटोरने में कामयाब हुए। परन्तु बैठक व्यवस्था कर पाने में समर्थ रहे ऐसे में लोगों को खरपतवार में बैठ एवं खड़े होकर कार्यक्रम का हिस्सा बना रहना पड़ा। इतना ही नहीं नगर अध्यक्ष के साथ नगर के गिने-चुने पार्षद भी लगभग 9 बजे के करीब पहुंच आनंद फानन में 10. 30 बजे के करीब पुतला दहन बगैर दुर्गा मूर्ति व क्षेत्र के वरिष्ठ सम्मानित जनों के उपस्थिति में कर दिए।दशहरे के इस पावन पर्व पर मैदान में एक भी दुर्गा झांकी के न पहुंच पाना सबको हैरान कर दिया।लोगो की माने तो उनका कहना था कि यहां आस्था के नाम पर अराजकता फैलाई जाती है नगर क्षेत्र में ही लगभग आधा सैकड़ा मूर्ति स्थापित है नगर प्रशासन द्वारा साफ- सफाई के साथ अन्य व्यवस्था भी बनाई जाती है लेकिन जिस उद्देश्य से दुर्गा मूर्ति स्थापित की जाती है उसे उद्देश्य की पूर्ति नहीं की जाती । दुर्गा मूर्तियों का पुतला दहन स्थल में ना पहुंचना नगर प्रशासन के साथ-साथ नवदुर्गा उत्सव समितियों के लोगों के आस्था में भी सवाल खड़े हो रहे हैं। मान्यता एवं परंपरा के अनुसार दुर्गा मूर्तियों के उपस्थिति में ही रावण पुतले का दहन किया जाना चाहिए लेकिन मान्यता व परंपरा टूटने और लचर व्यवस्थाओं को लेकर लोग अब खुलकर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इस अव्यवस्था, मनमानी व लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है।स्थानीय प्रशासन या हमारे समाज के चुने गए जनप्रतिनिधि एवं प्रबुद्ध जन।
*राजा मडवास के द्वारा किया जाता था पुतला दहन*
क्षेत्र के वरिष्ठ व प्रबुद्ध जनों
की माने तो अभी तक पुरानी परंपरा व मान्यता अनुसार मझौली क्षेत्र के राजा मड़वास दशहरा पर्व के मुख्य अतिथि हुआ करते थे जिनके द्वारा अर्ध रात्रि के समय दुर्गा मूर्ति के उपस्थिति में रावण पुतले का दहन किया जाता था। लेकिन विगत तीन-चार वर्षो से मुख्य अतिथि को लेकर नगर प्रशासन शायद समय रहते निर्णय नहीं ले पाता और औपचारिकता पूर्ण आनंन -फानन में किसी के हाथों पुतला दहन करा दिया जाता है वही हाल इस वर्ष 2026 में देखने को मिली।
*सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रवाहित की गई दुर्गा मूर्ति*
स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित घाटों के अतिरिक्त भी लगभग दर्जन भर जलाशयों एवं नदियों में पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था में उपखंड मझौली के, मझौली -मड़वास थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थापित हजारों की संख्या में दुर्गा मूर्ति निर्धारित तिथि 20 एवं 21 अक्टूबर को विसर्जित की गई। मुख्य रूप से प्रशासकीय स्तर पर चयनित घाट मझौली थाना क्षेत्र बनास नदी कठबगला घाट, तथा मड़वास थाना क्षेत्र अंतर्गत गोपद नदी के टिकरी घाट में अधिकांश दुर्गा मूर्ति विसर्जित की गई। जहां पर प्रमुखता के साथ पुलिस बल एवं स्थानीय प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए थे। तथा अन्य विसर्जित घाटों पर भी पुलिस बल एवं अधिकारियों कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई थी साथ ही थाना प्रभारी मझौली उपनिरीक्षक विशाल शर्मा एवं मड़वास उप निरीक्षक भूपेश सिंह बैंस, चौकी प्रभारी पथरौला देवराज सिंह परिहार, टिकरी प्रमोद द्विवेदी क्षेत्र के विभिन्न घाटों का जायजा लेते रहे। हालांकि कुछ दुर्गा मूर्ति आज तीसरे दिन 22 अक्टूबर को भी प्रवाहित की जा रही है लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी तरह से अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली है।
*कार्यक्रम में इनकी रही प्रमुख उपस्थित*
नगर प्रशासन द्वारा नगर क्षेत्र मझौली के शाहिद अनिल सिंह स्टेडियम में आयोजित रावण पुतला दहन कार्यक्रम नगर अध्यक्ष मझौली शंकर लाल गुप्ता, उपाध्यक्ष उदयभान यादव, पूर्व नगर अध्यक्ष मझौली पार्षद लवकेश सिंह गहरवार, मंडल अध्यक्ष एडवोकेट प्रवीण तिवारी, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष मझौली महेंद्र सिंह गौतम, एसडीएम मझौली आकाश अग्रवाल,एसडीओपी कुसमी मझौली डॉ.संतोष तिवारी, तहसीलदार दिलीप सिंह, पार्षद हिमांशु तिवारी, गोविंद साकेत, हितेश गुप्ता, मनोनीत पार्षद अजय सिंह छोटू, भगवत गुप्ता, राघवेंद्र द्विवेदी, व्यापारी संघ मझौली के अध्यक्ष रजनीश गुप्ता, उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह, भाजपा मंडल मझौली के उपाध्यक्ष पार्षद पति राजेश सिंह रज्जे, वरिष्ठ भाजपा नेता रामसखा शर्मा आदि शामिल रहे। वहीं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने को लेकर थाना प्रभारी मझौली उप निरीक्षक विशाल शर्मा पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।