छत्तीसगढ़: 2025 की मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना में देरी से बच्चों के भविष्य पर खतरा, छत्तीसगढ़ मजदूर सक्ति संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
श्रमिकों के बच्चों की मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना में देरी को लेकर भड़का मजदूर शक्ति संघ, आंदोलन की चेतावनी
बिलासपुर, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के बच्चों को दी जाने वाली मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना में हो रही देरी को लेकर छत्तीसगढ़ मजदूर शक्ति संघ ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश में कई पात्र बच्चे वर्ष 2025 की छात्रवृत्ति से अब तक वंचित हैं, जिससे आगामी वित्तीय वर्ष में उन्हें दोहरा नुकसान होने की आशंका बन गई है।
संघ के प्रदेश महामंत्री संतोष मिश्रा ने कवर्धा के श्रम अधिकारी चंद्रवंशी से दूरभाष पर बातचीत कर इस समस्या को प्रमुखता से उठाया। संतोष मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यदि बीते वर्ष की छात्रवृत्ति इस वित्तीय वर्ष में आती है, तो नियमानुसार बच्चों को चालू वर्ष के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है।

इस पर श्रम अधिकारी चंद्रवंशी ने आश्वस्त किया कि 24 अगस्त को होने वाले डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से छूटे हुए बच्चों के खातों में राशि अंतरित कर दी जाएगी। साथ ही, उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रभावित बच्चों की फाइल तैयार कर रायपुर मुख्यालय भेजी जाएगी ताकि वे इस वर्ष के लाभ से भी वंचित न रहें।
संतोष मिश्रा ने बताया कि यह समस्या केवल कवर्धा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के लगभग सभी जिलों में श्रमिकों के बच्चे वर्ष 2025 की छात्रवृत्ति के लिए भटक रहे हैं।
“श्रमिकों के बच्चों के हक के साथ किसी भी तरह की नाइंसाफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस विषय पर संघ के प्रदेश अध्यक्ष रवि गढ़वाल से चर्चा कर जल्द ही रायपुर में श्रम मंत्री लखन देवांगन से मुलाकात की जाएगी। यदि समस्या का त्वरित समाधान नहीं हुआ, तो संघ उग्र धरना-प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेगा।”
संतोष मिश्रा, प्रदेश महामंत्री (छत्तीसगढ़ मजदूर शक्ति संघ)

श्रमिकों के उत्थान के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाएं तभी सार्थक सिद्ध होती हैं, जब उनका लाभ सही समय पर मिले। छात्रवृत्ति में प्रशासनिक देरी के कारण पात्र बच्चों का तकनीकी नियमों की वजह से नुकसान होना बेहद चिंताजनक है।
कवर्धा श्रम अधिकारी द्वारा फाइल मुख्यालय भेजने का आश्वासन एक सकारात्मक पहल है, लेकिन श्रम विभाग को पूरे राज्य स्तर पर एक विशेष पोर्टल या व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे पिछले सत्र का विलंबित भुगतान चालू सत्र की पात्रता को प्रभावित न करे।