आठ आवेदनों पर सिमट कर रह गया मझौली का जन कल्याण शिविर।
लोगों ने बनाई दूरी, अधिकारियों ने पूर्ण की औपचारिकता।
सीधी/मझौली
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026 के तहत जिले भर के साथ मझौली जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत चमराडोल वन चौकी में आज 7 अगस्त को सप्ताह प्रत्येक शुक्रवार को लगने वाली जनकल्याण, समाधान एवं जन-संवाद शिविर आयोजित की गई। उक्त शिविर में शामिल पांच ग्राम पंचायत नौढिया,परसिली, चमराडोल,बोदारी टोला,करमाई के लगभग एक दर्जन गांवों जहां के मतदाताओं की संख्या लगभग दस हजार से अधिक होगी यहां मात्र 8 आवेदन ही प्राप्त हुए। जिसका कारण प्रचार- प्रसार व आवेदनों का निराकृत ना होना बताया जा रहा है। स्थान का सही पता न होने से लोगों का भटकाव बना रह गया। शिविर से एक ओर जहां लोगों की उपस्थित अत्यंत कम रही वही अधिकारी कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि औपचारिकता निभाते देखे गए। शिविर में मीडिया के निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत चमराडोल एवं बोदारी टोला के सरपंच सचिव व खाद्य विभाग , स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास, कृषि विभाग के ही अधिकारी कर्मचारी सिविल स्थल पर मौजूद मिले। उपस्थित लोगों का कहना था कि जब कोई निराकरण होता ही नहीं यहां कोई सक्षम अधिकारी नहीं उपस्थित रहते तो काहे के लिए शिविर आयोजित की जाती है। उपस्थित अधिकारियों द्वारा बताया गया की एसडीएम सीईओ शिविर स्थल आई आईं हुई थी अब भ्रमण में है वही उपस्थित जनों द्वारा बताया गया कि अल्प समय के लिए भले ही आई हो लेकिन शिविर में लोगों की समस्या सुन समाधान करने की कोई कवायत नहीं की गई।

नगर परिषद मे पहुंचे 17 आवेदनार्थी
नगर परिषद मझौली में शिविर का आयोजन नगर परिषद कार्यालय मझौली में किया गया जिसमें वार्ड क्रमांक11,12,13,14,15 के लोगों को सामिल किया गया था। यहां भी ग्रामीण क्षेत्र जैसा हालात बना रहा। शिविर व स्थान की सही जानकारी न होने से लोग शिविर का लाभ नहीं ले सके। वही कुछ लोगों का कहना है कि आवेदन पत्र लिए जाते हैं पर निराकरण नहीं किया जा रहा है। कोई सक्षम अधिकारी नहीं रहते तो शिविर का क्या मतलब है। सीएमओ का तो फोन ही नहीं उठा सेक्टर प्रभारी अनिल त्रिपाठी द्वारा बताया गया कि 17 आवेदन आए थे जिनमें से 13 आवेदन पत्र पर समाधान किया गया है। शिविर में एसडीएम तहसीलदार भी आए हुए थे। लेकिन मीडिया के भ्रमण के दौरान कहीं भी सक्षम अधिकारी एसडीएम, सीएमओ, सीईओ नहीं देखी गई।