पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल: निजी कंपनियों ने बढ़ाए दाम, आम जनता पर बढ़ेगा बोझ
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के असर से देश में ईंधन महंगा, डीजल 165 रुपये तक पहुंचने की आशंका
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल: निजी कंपनियों ने बढ़ाए दाम, आम जनता पर बढ़ेगा बोझ
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के असर से देश में ईंधन महंगा, डीजल 165 रुपये तक पहुंचने की आशंका
देश में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। निजी ईंधन कंपनियों ने 1 अप्रैल से अपने दामों में इजाफा किया है, जिससे कई शहरों में ईंधन काफी महंगा हो गया है।
बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत करीब 119.85 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि प्रीमियम पेट्रोल 129.85 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं डीजल की कीमत भी 123 रुपये प्रति लीटर के पार चली गई है। खास बात यह है कि पेट्रोल में लगभग 7 रुपये और डीजल में करीब 25 रुपये प्रति लीटर तक की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है
इससे पहले भी निजी क्षेत्र की कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इसका मुख्य कारण है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सप्लाई को लेकर अनिश्चितता ने कीमतों पर सीधा असर डाला है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले समय में डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। अनुमान है कि डीजल 148 से 165 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी तेल कंपनियों की तुलना में निजी कंपनियों को किसी प्रकार की सब्सिडी या राहत नहीं मिलती, जिससे वे बढ़ती लागत का सीधा बोझ उपभोक्ताओं पर डालती हैं
ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर अब आम आदमी के बजट पर साफ दिखाई देने लगा है। साथ ही, इससे महंगाई में भी बढ़ोतरी होने की आशंका है, जिससे आने वाले दिनों में जरूरी वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं।