Breaking News in Primes

अमरकंटक राष्ट्रीय अधिवेशन में पत्रकारों को सौंपे दायित्व

0 1

अमरकंटक राष्ट्रीय अधिवेशन में पत्रकारों को सौंपे दायित्व

इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के 144 वीं राष्ट्रीय कार्यसमिति तथा प्रदेश इकाई की बैठक में महासंघ को सांगठनिक सुदृढ़ करने के लिए सक्रिय व निष्ठावान पत्रकार साथियों को नवीन दायित्व सोंप दिये गये हैं। राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर किए गए मनोनयन से संगठन में नई ऊर्जा का संचार होगा। नवीन दायित्व के तहत केंद्रीय अनुशासन समिति में सुनील थपरियाल उत्तराखंड, अध्यक्ष एवं अशोक शर्मा अशोक नगर मध्यप्रदेश, गिरिजाशंकर राय झांसी उत्तर प्रदेश सदस्य बनाए गए , वही राष्ट्रीय पार्षद ( कार्यसमिति)के लिए मुरैना से रामविलास शर्मा प्रधान संपादक चंबल सुर्खी, कमलेश श्रीवास्तव ,गोपालदास बंसल, मनोज सिंह, लुकमान अली, अनिल द्विवेदी शहडोल , रामबाबू चौबे अनूपपुर को राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव ने प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र गौतम के प्रस्ताव पर नामांकित किया।


वही प्रदेश में संगठन विस्तार करते हुए प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र गौतम ने प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष पद पर राजगढ़ के पत्रकार सत्यनारायण वैष्णव , शहडोल के अरविंद द्विवेदी, प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर राधाकृष्ण सिंहल मुरैना , शहडोल के राहुल सिंह राणा को प्रदेश संगठन प्रभारी, अशोक नगर के कुमार संभव , शहडोल से जुनेद खान, राजगढ़ से घनश्याम शर्मा को प्रदेश सचिव,
एवं कैलारस के रोशनलाल गुप्ता प्रदेश कार्य समिति सदस्य में मनोनीत किए जाने की घोषणा की , सभी मनोनीत पदाधिकारियों का राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव तथा प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र गौतम ने मंच पर अंग वस्त्र पहनाकर स्वागत किया।

बाक्स —2—

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन

इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट की मध्यप्रदेश इकाई मध्य भारत वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन द्वारा पत्रकार हित में 15 सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम विधायक फुन्देलाल मार्को को सौंपा गया।जिसमें निम्न मांग रखी गई —

1 मध्यप्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू कर दिनरात कार्य करने वाले पत्रकारगणों को सुरक्षा प्रदान की जावे।

2) इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट की को मध्यप्रदेश इकाई म.प्र. वर्किंग जर्नलिस्ट को राजधानी भोपाल के मालवीय नगर में पत्रकार भवन हेतु आवंटित भूमि पर एक पत्रकार भवन का निर्माण कराकर संघ की प्रदेश इकाई को संचालन हेतु सौंपा जावे।

3) प्रदेश के गांव-गांव से मुख्यालय पर आवागमन करने वाले ग्रामीण पत्रकार को अनेक समस्याओं का निदान करने हेतु प्रत्येक जिला मुख्यालय पर पत्रकार भवन निर्माण हेतु निःशुल्क भूमि आवंटित करने के साथ भवन निर्माण के लिये राशि प्रदान की जावे।

4) प्रदेश के सभी राजकीय व राष्ट्रीय टोल नाकों पर निःशुल्क आवागमन की सुविधा प्रदान की जावे।

5) प्रदेश के पत्रकारों को आयुष्मान योजना से जोडकर लाभान्वित किया जावे। ताकि स्वास्थ्य खराब होने पर वह अपना समुचित इलाज करा सके।

6) प्रदेश में कई वर्षों से जनसम्पर्क संचालनालय द्वारा अधिमान्यता एवं कल्याण समितियां नहीं बनाई गई हे। इस कारण पत्रकारों को अधिमान्यता प्राप्त नहीं हो पा रही है। वहीं अनेक योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल रहा है। इसलिये नवीन अधिमान्यता समितियां बनाई जाकर इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट की प्रदेश इकाई मध्य भारत वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के सदस्यगण को शामिल किया जाए।

7) प्रदेश में अधिकांश पत्रकार स्वयं का आवास न होने के कारण किराये के आवास में जीवन यापन करने को मजबूर है। यह स्थिति प्रदेश के सभी संभाग, जिला व तहसील स्तर पर अत्यधिक विषम है। पत्रकारगण को स्वयं का आवास निर्मित करने के लिये प्रदेश के सभी संभाग जिला व तहसील स्तर पर रियायती दरों पर भूखण्ड दिए जाएं।

8) प्रदेश के आवास हीन पत्रकारों को शासकीय योजनाओं के तहत निर्मित आवास के लिये पात्र बनाकर गांव से शहर तक अधिमान्य पत्रकारों को शासकीय आवास रियायती दर पर प्रदान किया जावे।

9) देश व प्रदेश के सभी अधिमान्य पत्रकारगण को लगभग 7 वर्ष पूर्व तक रेल यात्रा किराया में 50 प्रतिशत की रियायत केन्द्र सरकार द्वारा प्रदाय की जाती थी। इसके बंद होने से पत्रकारगण को रेल में आवागमन करने पर अत्यधिक आर्थिक भार वहन करना पड़ रहा है। इस सुविधा को पुनः आरंभ कराने के लिये माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से आप व सरकार द्वारा पत्रकारगण का सहयोग किया जावे।

10) रेल यात्रा के लिये आरक्षण प्रक्रिया में पत्रकार कोटा लागू किये जाने हेतु भारत सरकार के रेल मंत्रालय तथा रेलवे बोर्ड से अनुशंसा कर सुविधा प्रदान कराने में सहयोग किया जावे।

11) प्रदेश में सरकार व शासन की योजनाओं का बेहतर प्रचार-प्रसार तथा जन समस्याओं को उचित मंच पर उठाने हेतु पत्रकारों को पूर्ण योग्य बनाने के लिये जिला मुख्यालय पर प्रति तीन माह में एक कार्यशाला का आयोजन जनसम्पर्क संचालनालय द्वारा कराया जावे।

12) प्रदेश में पत्रकारों की दयनीय आर्थिक स्थिति से राहत दिलाने के लिये आर्थिक सहायता की योजना लागू करने के लिये पत्रकार कल्याण बोर्ड की स्थापना की जाए। इसमें शासन के साथ-साथ इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट की मध्यप्रदेश इकाई म.प्र. वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के सदस्यों को बोर्ड सदस्य के रूप में नामांकित किया जावे।

13) प्रदेश में बड़े समाचार पत्र के साथ-साथ शासन की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने में लघु तथा मध्यम समाचार पत्रों की भूमिका अत्यधिक महत्वूपर्ण है। इसके विपरीत बड़े समाचार पत्र तथा बड़े टीवी न्यूज चैनल को ही जनसम्पर्क संचालनालय द्वारा विज्ञापन के रूप में अत्यधिक आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाता है। इसमें लघु एवं मध्यम समाचार पत्र एवं छोटे न्यूज चैनल को आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। इस हेतु नवीन विज्ञापन नीति बनाई जाकर लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों एवं छोटे न्यूज चैनलों को अधिक से अधिक विज्ञापन प्रदाय किये जावे।

14) प्रदेश के सभी जिला एवं तहसील मुख्यालय पर प्रशासन तथा पत्रकारों के बीच उत्पन्न समस्याओं का निराकरण करने के लिये समन्वय समितियों का गठन किया जावे।

15) प्रदेश में पत्रकारों के नाम पर अनेक संगठन संचालित किये जा रहे हैं। इन संगठनों की सदस्यता की जांच कराई जाय क्योंकि कुछ संगठन ऐसे हैं जो पत्रकारों के नाम पर धन उगाई तो करते ही हैं फर्जी व त्यौहारी पत्रकारों का संरक्षण कर लोगों को परेशान भी करते है इससे पत्रकारिता का पवित्र मिशन बदनाम हो रहा है। ऐसे संगठनों की जांच कराने का कष्ट करें और उनके पंजीयन निरस्त करवाएं ताकि समाज में भय का वातावरण समाप्त हो। आजकल पत्रकारों के नाम पर पत्रकार संगठनों में विभिन्न माफियाओं का कब्जा हो रहा है, जिनका पत्रकारिता से दूर-दूर तक नाता नही है। केवल पैसा ही उनकी योग्यता है। जैसे सत्ता, संगठन पर ऐसी ताकतें हावी होती जा रही हैं यही हालत अब पत्रकार संगठनों की हो गई है, शासन को ऐसे पत्रकार संगठनों की जांच करना चाहिए। इनके द्वारा लिये जाने वाले चंदे की भी जांच होनी चाहिए। ताकि पत्रकार और पत्रकार संगठनों की वास्तविकता का पता लग सके।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!