नगर क्षेत्र मझौली के व्यापारी संघ ने बंद से बनाई दूरी, कहां नहीं थी जानकारी। अधिकांश व्यापारियों ने खोली रखी दुकाने, सामाजिक संगठन कार्यकर्ताओं ने बदसलूकी का लगाया आरोप।*
नगर क्षेत्र मझौली के व्यापारी संघ ने बंद से बनाई दूरी, कहां नहीं थी जानकारी।
अधिकांश व्यापारियों ने खोली रखी दुकाने, सामाजिक संगठन कार्यकर्ताओं ने बदसलूकी का लगाया आरोप।*
*सीधी -धौहनी-मझौली*
एक ओर जहां जिले भर में यूजीसी एक्ट के विरोध में भारत बंद का जोरदार असर देखा गया वही मझौली क्षेत्र में स्थानीय राजनीति के भेंट चढ़ गया! यहां
मझौली नगर परिषद क्षेत्र के व्यापारी संघ ने भारत बंद का विरोध करते हुए इससे दूरी बना रखा जिसको लेकर सामाजिक संगठन के लोगों ने राजनीतिक मुद्दा बताया है वही व्यापारियों ने मीडिया के पूछे जाने पर जानकारी ना होने का राग अलापते हुए एक्ट का विरोध जताया। मीडिया के यह पूछे जाने पर की कुछ सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा बाजार में भ्रमण कर बंद करने की अपील की गई थी तब व्यापारियों द्वारा कहा गया कि इसके लिए पहले बैठक करनी चाहिए। कोई जानकारी एवं प्रतिष्ठित व्यक्ति शामिल नहीं थे। पूर्व में पता था बाद में पता चला कि उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगा दी गई है इसलिए हम लोग भ्रमित हो गए।
बताते चलें कि हाल ही में जारी यूजीसी एक्ट के विरोध में सामान्य कैटिगरी के सामाजिक संगठनों तथा लोगों द्वारा आज 1 फरवरी को भारत बंद का ऐलान किया गया था। जिस तार्तव्य में मझौली में सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता भ्रमणकर अपील करते हुए समर्थन मांगा भले ही चाहे क्षेत्रीय लोग समर्थन में रहे हो लेकिन मझौली नगर परिषद के व्यापारी संघ ने इससे दूरी बनाए रखें। मझौली नगर क्षेत्र की बात करें तो यहां 80 से 90% दुकान खुली रही।
सामाजिक संगठन के
कार्यकर्ताओं विनम्रता पूर्वक बंद के लिए आग्रह किया जाने पर भी व्यापारी मानने को तैयार नहीं हुए। यहां तक की नगर अध्यक्ष शंकर प्रसाद गुप्ता भी जो सामान्य वर्ग से ही आते हैं खुद दुकान खोल बैठे देखे गए।
*कोई खास कारण नहीं जानकारी का अभाव-अध्यक्ष*
इस संबंध में जब व्यापारी संघ के मझौली ब्लाक अध्यक्ष गंगा प्रसाद गुप्ता से फोन पर जानकारी ली गई तो उनके द्वारा कहा गया कि हम लोगों को जानकारी नहीं हुई।पता चला की उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगा दी गई है तो बंद स्थगित हो गया होगा। यह पूछे जाने पर की आप का व्यापारी व्यक्ति के विरोध में है कि पक्ष में तो उनके द्वारा कहा गया कि हम मिलकर इस संबंध में कुछ कह पाएंगे। बाद में व्हाट्सएप के माध्यम से पूछे जाने पर जवाब दिया गया है कि कोई खास कारण नहीं था सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। शादी ब्याह का समय सीजन चल रहा है। अचानक दुकान बंद कर देने से व्यापारीयों के साथ लोगों को भी परेशानी होती।
इसलिए दुकान खोल रखी गई।हालांकि एक दर्जन से अधिक बड़े प्रतिष्ठित व्यापारियों से एक्ट के बारे में जानकारी ली गई। जिसमें अधिकांश ने एक्ट का कड़े लहजे में विरोध किया है।