*मनरेंगा बहाली को लेकर भैंसदेही ब्लॉक कांग्रेस ने दिया धरना*

भैंसदेही /ललित छत्रपाल :- शुक्रवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भैंसदेही द्वारा ब्लॉक अध्यक्ष पंकज रानू ठाकुर के नेतृत्व में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के पुण्यतिथि पर महात्मा गांधी जी के छाया चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किये।एवं मनरेंगा बहाली को लेकर शांति पूर्ण रूप से धरना देकर महामिम राष्ट्रपति के अनुविभागीय अधिकारी भैंसदेही को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा कानून मे बदलाव करके उस महत्वपूर्ण कानून को खत्म करना चाहती है। कांग्रेस पार्टी उसका विरोध करती है। पूर्व प्रधान मंत्री स्व डॉ मनमोहन सिंह जी ने गरीब जनता को रोजगार उपलब्ध कराने महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून 2006 कांग्रेस की सरकार मे लागू किया। जिससे गरिब जनता को आथिर्क मदद मिली।
हमारी मांग हैं कि पूर्व कि तरह ही मनरेंगा कानून को लागू किया जाये।
बिजली विभाग द्वारा जनता से मनमाना बील वसूल रही है ,बिजली बिल के दाम कम करे और जाजय बिल वसूल करे। भैसदेही के एक व्यक्ति द्वारा सैकेंडो आदिवासी वर्ग के किसान मजदूर भाईयो से ट्रैक्टर खरीदी पर फर्जी वाडा किया गया है।जिसकी लिखित शिकायत जिला कलेक्टर बैतूल,पुलिस अधीक्षक बैतूल को पीड़ित आदिवासी परिवार के लोगो ने की है। सता का संरक्षण मिलने के के कारण अभी तक उचित कार्यवाई नही हुई है हम मांग करते है। पीड़ित आदिवासी परिवार जन को न्याय प्रदान करे। भैसदेही ब्लॉक मे संचालित निजी स्कूल मे चलने वाले वाहन के फिटनेस बीमा परमिशन की जाच हो । विगत दिनो हुए स्कूल वैन की घटना मे एक छात्रा की मृत्यु हुई जो अत्यंत दुःखद घटना है पीड़ित परिवार को 50, लाख रुपए का मुआवज़ा सरकार द्वारा प्रदान किए जाने की मांग करते है।
आदिवासी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम ने कहा कि नए कानून के जरिए मनरेगा की मूल भावना को कमजोर किया गया है। उनका कहना है कि यह बदलाव ग्रामीण रोजगार की गारंटी को सीमित करता है और गरीबों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पंकज रानू ठाकुर ने कहा कि सरकार’ मनरेगा को पंचायती राज व्यवस्था के जरिए चलाने के पीछे मूल भावना गरीबों को सम्मान के साथ रोजगार का अधिकार देने की थी। मनरेगा हर गरीब को काम की गारंटी थी।
धरना प्रदर्शन में प्रमुख रूप से पूर्व विधायक धरमू सिंह सिरसाम,श्याम नारायण तिवारी,रामा काकोड़िया,धर्मेन्द्र मालवीय,प्रहलाद कोसें,राजा आर्य,पंजाब आहाके,राहुल छत्रपाल,वामन महाले,सतीश आर्य,गेन्दराव आहाके, वामन महाले,सय्यद अफरोज,देलन टेकाम,राजू महाले,दिलीप चौहान,यादोराव गावंडे, यादोराव मोहरे,गोरेलाल उईके, सुखदेव घाणेकर,दिनेश महाले, राज धाड़से, अशोक उईके, तुलाराम उईके, पंजाब कनाठे, हनुमंत धोटे,नरेश मोहरे,मोहन धुर्वे,विक्रम सांडे,अलकेश चौहान,गणेश रॉय बंगाली, अलकेश डांगे,दिलिप सलामे, सुभाष मोहरे,शोयेब विंध्यानी,महेश थोटेकर,निखिल देशमुख, शोयेब पठान ,वासु बारस्कर, मयुर बारस्कर,राहुल उईके,रूपेश नावँगे,देवेश आठवेंकर,मंगेश सरियाम,सुभाष आठवेंकर,लब्बू ठाकुर,रूपेश पाटणकर,अश्विन धुर्वे,रवि शेलके, बबला मेमन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।