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सीएम ने गोरखनाथ मंदिर स्थित कंट्रोल रूम से प्रयागराज में चल रहे पुण्य स्नान की मॉनीटरिंग

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News By-  Nitin kesarwani

भारी संख्या में संगम तटों पर पहुंच रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था पर रहा विशेष ध्यान

महाकुम्भनगर/गोरखपुर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाकुम्भ के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भी सुबह से ही एक्टिव नजर आए। बीते सभी अमृत स्नान और स्नान पर्व की तरह मुख्यमंत्री जी सुबह तड़के 4 बजे से ही व्यवस्थाओं को देखने के लिए कंट्रोल रूम पहुंच गए। गोरखपुर प्रवास के चलते उनके लिए गोरखनाथ मंदिर में ही कंट्रोल रूम स्थापित किया गया, जहां वह स्नान पर्व पर पल-पल की मॉनीटरिंग करते नजर आए। टीवी पर उन्होंने श्रद्धालुओं के स्नान की एक-एक फीड को लाइव देखा और कंट्रोल रूम से ही आला अधिकारियों को निर्देशित किया। सीएम योगी के निर्देश पर समस्त आला अधिकारी भी मुस्तैद नजर आए और सुबह से ही उन्होंने भी मोर्चा संभाल लिया। इससे पूर्व सीएम योगी ने बसंत पंचमी और माघ पूर्णिमा अमृत स्नान के अवसर पर भी प्रातः से वॉर रूम में अधिकारियों के साथ बैठक की थी और मॉनिटरिंग करते रहे थे।

 

कंट्रोल रूम में मुख्यमंत्री की सक्रिय निगरानी

महाशिवरात्रि अमृत स्नान के साथ ही बुधवार को महाकुम्भ 2025 का समापन होना है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने महाशिवरात्रि स्नान पर्व के इस महत्वपूर्ण आयोजन की सुरक्षा और व्यवस्था के संदर्भ में पूरी स्थिति का जायजा लिया। गोरखपुर में वह सुबह से ही गोरखनाथ मंदिर स्थित कंट्रोल रूम में पहुंच गए और टीवी पर स्नान पर्व की लाइव फीड पर मॉनीटरिंग करते रहे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई भी असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। वह टीवी पर महाकुम्भ नगर समेत समस्त प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भीड़, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और सुविधाओं की लाइव फीड देखते रहे।

 

अधिकारियों को दिए निर्देश

योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समस्त घाटों पर पूरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें और श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक इंतजाम करें। साथ ही, उन्होंने आस्था के इस महान पर्व पर प्रशासन की तत्परता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं को बिना किसी समस्या के त्रिवेणी संगम में स्नान का लाभ मिल सके।

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