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पूर्व में हुवे हादसे के बाद भी नहीं जाग रहा विद्युत विभाग सवालमेंडा* *खेतों में झूलते बिजली के तार , हादसों का खतरा बरकरार*

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*पूर्व में हुवे हादसे के बाद भी नहीं जाग रहा विद्युत विभाग सवालमेंडा*

*खेतों में झूलते बिजली के तार , हादसों का खतरा बरकरार*

भैंसदेही/ललित छत्रपाल :- विकासखंड के ग्राम पंचायत कोथलकुंड में किसानों के खेतों में बिजली के झूलते तार किसी न किसी हादसे को न्योता दे रहे हैं। इन तारों की कम ऊंचाई के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। किसानों ने कई बार बिजली कंपनी के अधिकारियों से तारों की ऊंचाई बढ़ाने की मांग की, लेकिन विभाग का कोई ध्यान नहीं है। किसानों की चिंता: फसल और जान का खतरा किसानों का कहना है कि खेतों में बिजली के तार नीचे झूल रहे हैं। गेहूं की फसल में अधिकांश किसान खेत में खड़े होकर पानी देते हैं, जिससे तारों से टकराने का डर हमेशा बना रहता है। कम ऊंचाई के कारण स्पार्किंग से आग लगने की आशंका भी है, जो पूरी फसल को राख कर सकती है। वर्तमान में खेतों में गेहूं की फसल लगी हुई है, इसलिए खतरा और बढ़ गया है। पुराना हादसा: युवक की मौत ने बढ़ाया भय बताया जाता है कि कुछ महीनों पहले ग्राम कोथलकुंड के बस स्टैंड के पास खेत में काम कर रहे एक युवक की झूलते बिजली के तारों के संपर्क में आने से मौत हो गई थी। इस घटना से ग्रामीणों में डर का माहौल है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से कई बार तारों को व्यवस्थित करने की मांग की, लेकिन आश्वासन के अलावा कोई कार्रवाई नहीं हुई।

*विभागीय लापरवाही ,शिकायतों पर कोई असर नहीं*
ग्रामीणों ने बताया कि लाइनमैन को खेतों में झूलते तारों की जानकारी कई बार दी गई। विभागीय अधिकारियों से भी शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ। हर बार मांगें सुनकर आश्वासन तो मिल जाता है, पर जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है। उक्त खबर को लेकर जब सवालमेंडा जे ई जलज वाईकर से उनको मोबाइल नंबर पर फोन कर संपर्क करना चाहा तो उन्होंने हमेशा की तरह फोन नहीं उठाया।

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