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शिक्षा के मंदिर में प्रताड़ना के शैतान: सिवनी जिले की तीसरी घटना — सेंट फ्रांसिस स्कूल सिवनी में तिलक लगाने पर छात्र की पिटाई, शिक्षक फिरोज खान पर FIR दर्ज*

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*शिक्षा के मंदिर में प्रताड़ना के शैतान: सिवनी जिले की तीसरी घटना — सेंट फ्रांसिस स्कूल सिवनी में तिलक लगाने पर छात्र की पिटाई, शिक्षक फिरोज खान पर FIR दर्ज*

लोकेशन — सिवनी

संवाददाता – मोहित यादव

जिला ब्यूरो चीफ़ सिवनी

9584667143

 

 

सिवनी। सिवनी जिले की तीसरी बड़ी घटना, शिक्षा जगत से एक और बेहद चिंताजनक और शर्मनाक मामला सामने आया है। शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूल में बच्चों की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को लेकर हो रही प्रताड़ना ने अभिभावकों और आमजन को आक्रोशित कर दिया है। सेंट फ्रांसिस स्कूल सिवनी में तिलक लगाए एक छात्र के साथ शिक्षक द्वारा मारपीट का मामला उजागर हुआ है। यह घटना सिवनी जिले में ऐसी तीसरी घटना बताई जा रही है, जिसने स्कूलों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।मिली जानकारी के अनुसार, सेंट फ्रांसिस स्कूल सिवनी में कक्षा सातवीं में पढ़ने वाला छात्र रोज़ की तरह स्कूल आया था। छात्र के माथे पर तिलक लगा होने पर स्कूल के खेल शिक्षक फिरोज खान ने आपत्ति जताई और कथित तौर पर छात्र के साथ मारपीट कर दी। शिक्षक की इस हरकत से छात्र बुरी तरह डर गया और घर जाकर उसने अपने परिजनों को पूरी घटना बताई।घटना की जानकारी मिलते ही छात्र के पिता, जो पेशे से अधिवक्ता बताए जा रहे हैं, तत्काल कोतवाली थाना पहुंचे और आरोपी शिक्षक के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर शिक्षक फिरोज खान के विरुद्ध FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।इस प्रकरण ने एक बार फिर यह गंभीर प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या आज भी बच्चों को अपनी आस्था, संस्कृति और परंपराओं के साथ स्कूल जाने का अधिकार नहीं है? भारतीय संस्कृति में तिलक श्रद्धा और संस्कार का प्रतीक है, ऐसे में इसे लेकर बच्चे के साथ हिंसा किया जाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि सामाजिक रूप से भी बेहद निंदनीय है।स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों का कहना है कि सेंट फ्रांसिस स्कूल को लेकर पूर्व में भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन की मनमानी, छात्रों पर बेवजह नियम-कायदे और फीस को लेकर पारदर्शिता की कमी लंबे समय से विवाद का कारण बनी हुई है।

घटना के बाद से ही क्षेत्र में अभिभावकों का आक्रोश साफ दिखाई दे रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में शिक्षा संस्थानों में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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