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WhatsApp स्टेटस पर हज़रत अमीर मुआविया रज़ि. के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी

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WhatsApp स्टेटस पर हज़रत अमीर मुआविया रज़ि. के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी,

 

दैनिक
प्राईम संदेश एमसीबी छत्तीसगढ़
स्टेट हेड अजीमुदिन अंसारी

मनेन्द्रगढ। WhatsApp स्टेटस पर इस्लाम के प्रतिष्ठित धार्मिक गुरु एवं कातिब-ए-वही हज़रत अमीर मुआविया रज़ि. के संबंध में कथित रूप से तौहीन-आमेज़ और नफ़रत फैलाने वाले बयान प्रसारित किए जाने का मामला सामने आया है।
इसको लेकर मनेन्द्रगढ़ के समस्त सुन्नी मुस्लिम धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं/अंजुमनों ने सिटी कोतवाली मनेन्द्रगढ़ में सामूहिक रूप से शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।

 


शिकायत में बताया गया है कि दिनांक 9 जनवरी 2026 को वकार हुसैन नामक व्यक्ति द्वारा अपने WhatsApp Status पर लगातार चार स्टेटस लगाए गए, जिनमें हज़रत अमीर मुआविया रज़ि. के प्रति अपमानजनक एवं भड़काऊ भाषा का प्रयोग किया गया। संगठनों का कहना है कि इन बयानों से सुन्नी मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएँ गंभीर रूप से आहत हुई हैं।
शिकायतकर्ताओं ने कहा कि WhatsApp Status एक सार्वजनिक डिजिटल माध्यम है और इस प्रकार की सामग्री का प्रसारण सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुँचा सकता है तथा क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका पैदा करता है। आरोप है कि यह कृत्य जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण मंशा से किया गया।

 

2018 में दे चुका है माफ़ीनामा

शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी द्वारा वर्ष 2018 में भी इसी प्रकार की धार्मिक तौहीन की गई थी, जिसके बाद थाना मनेन्द्रगढ़ में उसने लिखित माफ़ीनामा दिया था। इसके बावजूद दोबारा वही कृत्य किया जाना आरोपी के आदतन अपराधी होने की ओर इशारा करता है।

वीडियो रिकॉर्डिंग और माफ़ीनामा साक्ष्य के रूप में संलग्न

संगठनों ने बताया कि आपत्तिजनक WhatsApp Status को चलते हुए किसी अन्य मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्डिंग की गई है, जो बिना किसी छेड़छाड़ के वास्तविक साक्ष्य है। साथ ही वर्ष 2018 का माफ़ीनामा भी शिकायत के साथ संलग्न किया गया है।

 

भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की मांग

शिकायत में कहा गया है कि आरोपी का यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के अंतर्गत धार्मिक भावनाएँ जानबूझकर आहत करने, धार्मिक आधार पर वैमनस्य फैलाने और आपत्तिजनक सामग्री के सार्वजनिक प्रसारण से संबंधित अपराध की श्रेणी में आता है।
समस्त सुन्नी मुस्लिम धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं/अंजुमनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के विरुद्ध FIR दर्ज कर सख्त एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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