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मध्य प्रदेश में सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना का पंजीयन आज से शुरू

न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार भाव के अंतर की राशि सीधे किसानों के खाते में जाएगी

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मध्य प्रदेश में सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना का पंजीयन आज से शुरू

 

न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार भाव के अंतर की राशि सीधे किसानों के खाते में जाएगी

 

भोपाल।मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए एक बार फिर भावांतर भुगतान योजना शुरू की है। योजना के तहत पंजीयन की प्रक्रिया आज, 3 अक्टूबर से प्रारंभ हो गई है। यह योजना किसानों को बाजार मूल्य में होने वाले उतार-चढ़ाव से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है।

 

राज्य शासन के कृषि विभाग के अनुसार, पंजीकृत किसान 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 के बीच अपनी सोयाबीन फसल का विक्रय निर्धारित केंद्रों पर कर सकेंगे। विक्रय के 15 दिवस के भीतर योजना के अंतर्गत देय राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी।

 

योजना का उद्देश्य

 

भावांतर योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और बाजार भाव के बीच के अंतर की भरपाई करना है, ताकि उन्हें उपज का लाभकारी मूल्य मिल सके। विशेष रूप से सोयाबीन जैसी फसलों में बाजार मूल्य अकसर MSP से नीचे चला जाता है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

 

पूर्व अनुभव रहे मिश्रित

 

ज्ञात हो कि वर्ष 2018 में भी यह योजना लागू की गई थी, लेकिन उस समय पंजीकृत किसानों में से कई को भुगतान समय पर नहीं मिल पाया था। इस कारण बड़ी संख्या में किसान असंतोषित हुए थे। ऐसे में इस बार सरकार के समक्ष योजना के पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन की चुनौती है।

 

पंजीयन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज

 

किसान अपना पंजीयन राज्य सरकार के ई-उपार्जन पोर्टल, लोक सेवा केंद्रों, या संबंधित कृषि उपज मंडी कार्यालय में कर सकते हैं। पंजीयन के लिए किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे:

 

आधार कार्ड

 

भूमि स्वामित्व प्रमाण (खसरा/खतौनी)

 

बैंक खाता विवरण

 

मोबाइल नंबर

 

फसल विवरण

 

 

सरकार का दावा

 

राज्य सरकार का कहना है कि इस बार पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाया गया है। किसानों को योजना का लाभ समय पर मिले, इसके लिए कृषि विभाग, मंडी बोर्ड और जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं।

 

विशेष सूचना:

राज्य के सोयाबीन उत्पादक किसान समय रहते पंजीयन कराएं और अपने दस्तावेजों को अद्यतन रखें, जिससे उन्हें योजना का पूर्ण लाभ मिल सके।

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