Breaking News in Primes

चांपा में खुलेआम ग्राहकों से लूट: MRP से ज्यादा दाम पर बिक रहा सामान, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल*

0 0

*चांपा में खुलेआम ग्राहकों से लूट: MRP से ज्यादा दाम पर बिक रहा सामान, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल*

जांजगीर-चांपा – चांपा शहर के बाजारों में इन दिनों उपभोक्ताओं के साथ खुलेआम आर्थिक शोषण का मामला सामने आ रहा है। अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) तय होने के बावजूद कई दुकानदार उपभोक्ताओं से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूल रहे हैं। यह न केवल उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि खुलेआम नियमों की अनदेखी भी है।

 

बता दें कि किसी भी वस्तु को बाजार में बिक्री के लिए भेजने से पहले निर्माता कंपनी द्वारा उस पर MRP अंकित किया जाता है। यह मूल्य कई तकनीकी और आर्थिक प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद तय होता है, जिसमें उत्पादन लागत, परिवहन, कर और मुनाफे जैसे तत्व शामिल होते हैं। इसीलिए MRP को अंतिम और अधिकतम मूल्य माना जाता है, जिससे अधिक वसूली पूरी तरह अवैध है।

 

*गर्मी का मौसम बना मुनाफाखोरी का जरिया*

 

इन दिनों बढ़ती गर्मी के चलते पानी और शीतल पेय पदार्थों की मांग चरम पर है। इसी का फायदा उठाते हुए बाजार के कई दुकानदार मनमानी पर उतर आए हैं।

छोटी से लेकर बड़ी कोल्ड ड्रिंक और पानी की बोतलों तक—लगभग सभी उत्पाद MRP से अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं।

ग्राहकों का कहना है कि दुकानदार खुलेआम कहते हैं—“अगर लेना है तो ज्यादा पैसे में लो, नहीं तो मत लो।”

ऐसी स्थिति में आम उपभोक्ता, विशेषकर राहगीर और मजदूर वर्ग, मजबूरी में अधिक कीमत देकर सामान खरीदने को विवश हो जाते हैं।

 

*ग्राहकों की मजबूरी, दुकानदारों की मनमानी*

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार में यह स्थिति नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही है।

ग्राहक शिकायत करने से भी कतराते हैं, क्योंकि:

 

समय की कमी

 

तत्काल जरूरत

 

विवाद से बचने की मानसिकता

 

 

इन्हीं कारणों का फायदा उठाकर कुछ व्यापारी लगातार नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

 

*ऑनलाइन मार्केट की ओर बढ़ता झुकाव*

 

बाजार में इस तरह की अनियमितता का सीधा असर स्थानीय व्यापार पर भी पड़ रहा है। लोग अब ऑनलाइन खरीदारी को प्राथमिकता देने लगे हैं, जहां:

कई बार MRP से कम कीमत मिलती है

घर बैठे डिलीवरी की सुविधा मिलती है

पसंद न आने पर रिटर्न की सुविधा भी उपलब्ध होती है

इससे स्थानीय व्यापारियों को भी दीर्घकाल में नुकसान उठाना पड़ सकता है।

 

*कानून क्या कहता है?*

 

MRP से अधिक कीमत वसूलना सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है और इस पर कार्रवाई की जा सकती है।

इस तरह के मामलों में मुख्य रूप से Legal Metrology Department और जिला प्रशासन कार्रवाई के लिए जिम्मेदार होते हैं।

दोषी पाए जाने पर दुकानदार के खिलाफ: – जुर्माना, लाइसेंस निलंबन ,कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

 

*जिम्मेदार विभागों की चुप्पी पर सवाल*

 

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि संबंधित विभागों की निष्क्रियता के कारण ही इस प्रकार की अव्यवस्था लगातार बढ़ रही है।

यदि समय-समय पर जांच और कार्रवाई की जाए, तो इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है।

 

चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सुनील सोनी ने कहा कि व्यापारी सही रेट में समान देते है,अगर ज्यादा ले रहे है तो उनकी गलती है। जल्द ही व्यापारियों की बैठक कर जानकारी ली जाएगी और सही मूल्य में बिक्री करने का आग्रह किया जाएगा।

 

*SDM ने लिया संज्ञान, कार्रवाई का आश्वासन*

 

इस पूरे मामले को लेकर चांपा के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी (SDM) पवन कोसमा ने कहा—

“आपके माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई है। यदि बाजार में MRP से अधिक वसूली की जा रही है तो टीम गठित कर जल्द ही जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”

 

*अब नजर प्रशासन की कार्रवाई पर*

 

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है।

क्या वास्तव में बाजार में छापेमारी और सख्त कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह कागजों में सिमट कर रह जाएगा—यह आने वाला समय ही बताएगा।

 

*निष्कर्ष*

 

चांपा के बाजार में MRP से अधिक कीमत वसूलना न केवल उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन है, बल्कि यह प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है।

यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो उपभोक्ताओं का भरोसा बाजार से पूरी तरह उठ सकता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!