*पुलिस लाइन जांजगीर में ई-साक्ष्य, ई-समंस, ई-एफएसएल तथा ई-प्रॉसीक्यूशन Medl-ए-पीआर पर एक दिवसीय विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन*
*नए कानून के क्रियान्वयन एवं सीसीटीएनएस 2.0 की तैयारी के संबंध में e-FSL, e-sammons, e-sakshya, e-prosecution,MedlEaPR,NATGRID, का प्रशिक्षण कराया गया*
*जांजगीर-चांपा*
* *कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसंधान कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाना*
* *प्रशिक्षण में जिले के सभी थाना/ चौकी प्रभारी, विवेचना अधिकारी तथा CCTNS ऑपरेटर आरक्षक उपस्थित रहे*
*पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय IPS* के निर्देशन में आज दिनांक 21.02.2026 को सुबह पुलिस लाइन जांजगीर के प्रशिक्षण हाल में ई-साक्ष्य, ई-समंस, ई-एफएसएल तथा ई-प्रॉसीक्यूशन Medl-ए-पीआर पर एक दिवसीय विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
इस अवसर पर *अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप* द्वारा प्रशिक्षण में उपस्थित विवेचना अधिकारी एवं CCTNS आरक्षकों को मॉड्यूल की बारीकियों, समयबद्ध अद्यतन (अपडेट) की अनिवार्यता तथा गुणवत्तापूर्ण विवेचना पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी थाना स्तर पर प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए एवं निम्न बिंदुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया—
* *ई-साक्ष्य मॉड्यूल:* प्रकरणों से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों (वीडियो, फोटो, दस्तावेज) का सुरक्षित अपलोड, संरक्षित भंडारण एवं न्यायालयीन उपयोग की प्रक्रिया।
* *ई-समंस प्रणाली:* न्यायालय से प्राप्त समंस/वारंट की ऑनलाइन प्राप्ति, तामिली की प्रविष्टि एवं समयबद्ध प्रतिवेदन।
* *ई-एफएसएल:* फॉरेंसिक नमूनों की ऑनलाइन प्रविष्टि, ट्रैकिंग एवं रिपोर्ट प्राप्ति की डिजिटल प्रक्रिया।
* *ई-प्रॉसीक्यूशन* (मॉड्यूल ए पी आर): अभियोजन शाखा के साथ समन्वय, केस डायरी एवं दस्तावेजों का ऑनलाइन आदान- प्रदान तथा लंबित प्रकरणों की मॉनिटरिंग
* *(Medl-ए-पीआर* -इसमें थानों से डॉक्टर को ऑनलाइन एमएलसी एवं पीएम फॉर्म भरकर भेजा जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया तथा उपस्थित अधिकारी एवं CCTNS आरक्षकों को हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल अभ्यास भी कराया गया। सामान्य त्रुटियों, डेटा एंट्री में सावधानियों एवं साइबर सुरक्षा संबंधी आवश्यक निर्देश भी दिए गए।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं C CTNS आरक्षकों की शंकाओं का समाधान किया गया तथा भविष्य में भी ऐसे तकनीकी प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित की जाएगी, जिससे पुलिस कार्यप्रणाली और अधिक सुदृढ़ एवं परिणामोन्मुखी बन सके।