बैतूल जिले में PWD विभाग के संरक्षण में घटिया सड़क निर्माण का आरोप, कार्य दो साल में मात्र 25% पूरा

बैतूल/चोपना। (विवेकानंद बैरागी) : बैतूल जिले के चोपना क्षेत्र में निर्मित हो रही एक सड़क जो घटिया गुणवत्ता और अधूरे कार्य को लेकर चर्चा में है। स्थानीय निवासियों और ग्रामीणों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों की मिलीभगत से सड़क निर्माण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है।
चर्चा में यह सड़क चंडी माता जंक्शन से सालीवाडा होते हुए गोपीनाथपुर तक 3.50 मीटर लंबी सड़क का काम पिछले दो वर्षों से चल रहा है, लेकिन अब तक मात्र 25 प्रतिशत कार्य ही पूरा हुआ है। विलंब के साथ-साथ निर्माण की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में जिस गिट्टी (बजरी) का इस्तेमाल किया गया है, उसे ठीक से दबाया (रोलर से कंपेक्ट) नहीं गया है। आरोप है कि ढीली पड़ी गिट्टी के ऊपर मात्र धूल (डस्ट) भरकर काम चलाया जा रहा है, जिससे सड़क की बुनियाद कमजोर हो रही है। ऐसे में, बरसात के मौसम में इस सड़क के बर्बाद होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
ग्रामीणों का आक्रोश यह भी है कि इतने लंबे समय तक अधूरा पड़ा यह कार्य उनकी रोजमर्रा की आवाजाही में बाधा बना हुआ है और दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। उनका सीधा सवाल है कि अगर निर्माण कार्य पारदर्शी और नियमानुसार होता, तो दो साल में सड़क पूरी हो चुकी होती।
इस पूरे मामले में PWD विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर संदेह जताया जा रहा है। आरोप है कि निर्माण कार्य की निगरानी ठीक से नहीं हो रही और ठेकेदार को मनमानी की छूट दी गई है। ग्रामीणों की मांग है कि उच्च स्तर से इस निर्माण कार्य की जांच कराई जाए, गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए और दोषी अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस संबंध में PWD के संबंधित अभियंता से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं मिल सका। मामला गर्माया हुआ है और स्थानीय प्रशासन के हस्तक्षेप की मांग तेज हो रही है।
