कबीरधाम से रायपुर तक दर्द और संघर्ष का सफर, लकड़ी की पटरी बनाकर गंभीर हालत में पत्नी को अस्पताल ले गया पति
एम्बुलेंस न मिलने पर पति ने दिखाई इंसानियत की मिसाल, बाइक पर पत्नी को 140 किमी दूर एम्स रायपुर पहुंचाया
कबीरधाम से रायपुर तक दर्द और संघर्ष का सफर, लकड़ी की पटरी बनाकर गंभीर हालत में पत्नी को अस्पताल ले गया पति
कबीरधाम (छत्तीसगढ़) गरीबी और संसाधनों की कमी के बीच इंसानियत की एक मार्मिक तस्वीर कबीरधाम जिले से सामने आई है। यहां समलू नामक व्यक्ति ने एम्बुलेंस की व्यवस्था न होने पर अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी कपूरा बाई को बाइक पर बैठाकर 140 किलोमीटर दूर रायपुर स्थित एम्स (AIIMS) अस्पताल पहुंचाया।
कपूरा बाई के दोनों पैर काम नहीं करते हैं और उनकी हालत इतनी गंभीर है कि वह बैठने की स्थिति में भी नहीं थीं। ऐसे में समलू के सामने सबसे बड़ी चुनौती पत्नी को सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाने की थी। मजबूरी में उसने बाइक पर लकड़ी की पटरी बिछाई, पत्नी को उस पर लिटाया और लंबा सफर तय किया।
कबीरधाम से रायपुर तक का यह सफर आसान नहीं था। खराब सड़कें, दर्द से कराहती पत्नी और हर मोड़ पर अनिश्चितता—लेकिन इलाज की उम्मीद ने समलू को हिम्मत दी। रास्ते में कई लोगों ने इस दृश्य को देखा और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
यह घटना एक ओर पति के प्रेम और संघर्ष को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं और एम्बुलेंस सेवाओं की कमी पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
फिलहाल कपूरा बाई का इलाज एम्स रायपुर में जारी है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।