गुजरात के मंदिर से चौंकाने वाला खुलासा
मामला इतना गंभीर है कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और वन विभाग ने मिलकर हाई-लेवल जांच शुरू कर दी
गुजरात के मंदिर से चौंकाने वाला खुलासा
मामला इतना गंभीर है कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और वन विभाग ने मिलकर हाई-लेवल जांच शुरू कर दी
गुजरात के नर्मदा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को हैरान कर दिया है।
राजपिपला के पास स्थित धर्मेश्वर महादेव मंदिर के पुराने भवन से बाघ की खाल और पंजों की बड़ी खेप बरामद हुई है।
मामला इतना गंभीर है कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और वन विभाग ने मिलकर हाई-लेवल जांच शुरू कर दी है। 37 पूरे बाघों की खाल (रॉयल बंगाल टाइगर) करीब 133 बाघ के पंजे, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत यह बेहद संगीन अपराध माना जाता है।
साधु या तस्करी का लिंक?
जांच के दौरान महाराज माधवानंद स्वामी का पासपोर्ट भी मिला है। पासपोर्ट से खुलासा हुआ कि वे 12 फरवरी 1977 को अमेरिका जा चुके थे।
अब जांच इस एंगल से भी हो रही है कि वे किन लोगों के संपर्क में थे? क्या कोई अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क जुड़ा है?
मध्य प्रदेश तक पहुंची जांच
शुरुआती जानकारी के मुताबिक महाराज माधवानंद स्वामी मध्य प्रदेश के मूल निवासी थे। इसी वजह से जांच का दायरा अब मध्य प्रदेश तक बढ़ा दिया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक गुजरात में मंदिर परिसर से बाघ की खाल और पंजों की इतनी बड़ी बरामदगी पहली बार हुई है।