News By- हिमांशु उपाध्याय / नितिन केसरवानी
बिजली निजीकरण के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन में भरवारी पॉवर हाउस में बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी, जूनियर इंजीनियर ने बैठक कर जताया विरोध प्रदर्शन।
कौशाम्बी: भरवारी नगर स्थित भरवारी विद्युत उपकेंद्र में बृहस्पतिवार को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के एक वर्ष पूरे होने पर बिजली कर्मियों ने सड़कों पर उतर कर निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 का जोरदार विरोध किया। आयोजित विरोध प्रदर्शन में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के सह संयोजक गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश के सभी जनपदों में बिजली कर्मियों ने लगातार 365वें दिन विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
बिजली कर्मियों की अन्य प्रमुख मांग थी कि संपूर्ण पावर सेक्टर के निजीकरण हेतु लाए गए इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 को तत्काल वापस लिया जाए। जिले में गौरव श्रीवास्तव के नेतृत्व में सैकड़ों बिजली कर्मचारियों ने विद्युत उपकेंद्र भरवारी में विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन सभा में बिजली कर्मियों ने एक साल के सतत संघर्ष के क्रम में संकल्प लिया कि जब तक निजीकरण का निर्णय निरस्त नहीं किया जाता। आंदोलन के चलते बिजली कर्मियों पर की गई समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां वापस नहीं ली जातीं, तब तक लगातार आंदोलन जारी रखेंगे। संघर्ष समिति ने यह भी बताया कि बिजली कर्मियों की रियायती बिजली की सुविधा समाप्त करने की दृष्टि से जबरदस्ती बिजली कर्मियों और पेंशनभोगियों के घरों पर प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। समिति ने कहा कि इन सब चुनौतियों के बावजूद बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी, जूनियर इंजीनियर और इंजीनियर पिछले एक वर्ष से लगातार संघर्षरत हैं और सड़कों पर उतर रहे हैं। संघर्ष समिति का निर्णय है कि जब तक निजीकरण का निर्णय निरस्त नहीं किया जाता और समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाही समाप्त नहीं की जाती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा, चाहे इसमें कितने भी वर्ष लगें। इस दौरान एसडीओ भरवारी केएल यादव,चायल एसडीओ उत्तम शुक्ला, जेई मूरतगंज अजीत जायसवाल, राहुल त्रिपाठी,जेई एनएल यादव, योगेन्द्र सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।