News By- हिमांशु उपाध्याय / नितिन केसरवानी
राज्य परियोजना कार्यालय व प्रथम एजुकेशन फ़ाउंडेशन की अनूठी पहल
कौशाम्बी: टेढ़ीमोड़ : गुणवत्तापरक प्राथमिक शिक्षा को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा,उत्तर प्रदेश – राज्य परियोजना कार्यालय व प्रथम एजुकेशन फ़ाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों के अंतर्गत बुधवार को प्राथमिक विद्यालय छोटी धन्नी व प्राथमिक विद्यालय सकढा में कक्षा 4 व 5 के विद्यार्थियों के लिए संदर्शिका-आधारित शिक्षण सत्र सृजनात्मक वातावरण में संपन्न कराया गया।
इस शैक्षणिक पहल की अगुवाई राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा से जुड़ी प्रथम प्रोग्राम प्रदेश कोऑर्डिनेटर बबीता शंकर ने की, जिनके मार्गदर्शन में विद्यालयों में सीखने का परिदृश्य जीवंत और प्रभावी दिखाई दिया।
उनकी शैक्षणिक दृष्टि, संवादशीलता और बच्चों से सहज आत्मीयता ने सत्र को प्रेरणादायी दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा—
“संदर्शिका बच्चों की सीखने की चाबी है; यह केवल पुस्तक नहीं, बल्कि अनुभव,कल्पना और अभिव्यक्ति का समग्र माध्यम है।”
उक्त कार्यक्रम में मण्डल कोऑर्डिनेटर शिवम ने शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं की वास्तविक समय मॉनिटरिंग करते हुए शिक्षकों को विषयवस्तु की सहज प्रस्तुति के लिए आवश्यक सुझाव प्रदान किए।

साथ ही प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के जिला समन्वयक राजेश यादव ने जनपद में चल रहे शिक्षण-सुधार के प्रयासों की सराहना करते हुए दोनों विद्यालयों में बच्चों की सहभागिता को उत्कृष्ट बताया।
कार्यक्रम में एस.आर.जी. डॉ. ओम प्रकाश सिंह ने बच्चों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी पढ़ने-लिखने की क्षमताओं, सोचने-समझने की प्रक्रिया व संदर्शिका के रचनात्मक उपयोग पर प्रभावी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि—
“जब शिक्षण अनुभवमूलक होता है, तब सीखना बच्चों के मन में अंकुरित होकर प्रस्फुटित होने लगता है।” दोनों विद्यालयों में विद्यार्थियों ने पूरी रुचि से गतिविधियों में भाग लिया। जिसमें उन्हें भाषा की अर्थग्राह्य क्षमता, गणितीय तार्किकता, रचनात्मक लेखन,सहयोगात्मक अधिगम जैसी क्षमताएँ सत्रों में प्रवाहमान दिखाई दीं।
शिक्षकों सुमन,लखनवर्मा आदि को भी सत्र के दौरान संदर्शिका के बहुआयामी उपयोग पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे कक्षा-कक्ष का वातावरण और भी जीवंत,सक्रिय व बाल-केंद्रित बने।
एस आर जी ने कहा कि समग्र शिक्षा—राज्य परियोजना कार्यालय और प्रथम एजुकेशन फ़ाउंडेशन की संयुक्त पहल से जनपद कौशांबी में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नवाचारपूर्ण विस्तार हो रहा है।
यह प्रयास ग्रामीण शिक्षा की नींव को और सुदृढ़ बनाते हुए बच्चों में सीखने की ललक, जिज्ञासा और आत्मविश्वास का संचार कर रहा है।