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शीत लहर को देखते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार की जनहित में बड़ी पहल स्वास्थ्य बचाव एडवाइजरी जारी

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News By- हिमांशु उपाध्याय / नितिन केसरवानी

कौशाम्बी: लगातार गिरते तापमान और बढ़ती शीत लहर की स्थिति को देखते हुए जनपद कौशाम्बी में स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड पर आ गया है। सीएमओ डाॅ. संजय कुमार ने जनमानस को सचेत करने और गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचाव के लिए शुक्रवार को व्यापक एडवाइजरी जारी की है। डॉ. संजय कुमार के अनुसार शीत लहर केवल मौसम नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए एक ख़तरनाक चुनौती है, जो समय रहते सतर्क न रहने पर जानलेवा भी साबित हो सकती है।
शीत लहर असल में होती क्या है?
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार
मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 10°C या उससे कम होने पर शीत लहर
तापमान 4°C से कम होने पर शीत लहर गंभीर स्तर
तापमान 2°C से नीचे होते ही अत्यधिक जोखिम
दिसम्बर और जनवरी को शीत लहर का चरम काल माना जाता है ऐसे समय में संवेदनशील आबादी को विशेष सतर्कता की आवश्यकता है।
शीत लहर का सीधा स्वास्थ्य प्रभाव,खतरा दिखता कम है, नुकसान बहुत बड़ा!
यदि सावधानी न बरती जाए तो ठंड शरीर की गर्माहट छीन लेती है और स्थिति हाइपोथर्मिया तक पहुँच जाती है जो कई मामलों में मृत्यु का कारण भी बन जाती है।
क्या है हाइपोथर्मिया वह मौन खतरा जो धीरे–धीरे जान ले सकता है
बहुत ठंडे वातावरण में लंबे समय तक रहने पर शरीर का तापमान 95°F (35°C) से नीचे चला जाता है। इस अवस्था में दिमाग की कार्यक्षमता धीमी,
सोचने–समझने की शक्ति प्रभावित,चलने–बोलने की क्षमता कमजोर यही कारण है कि हाइपोथर्मिया को चिकित्सा आपात स्थिति माना जाता है। और चौंकाने वाली बात बारिश में भीगना,पसीना, ठंडे पानी में गिरना इन परिस्थितियों में बाहरी तापमान बहुत कम न होने पर भी व्यक्ति हाइपोथर्मिया की चपेट में आ सकता है।
किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा?
मुख्य चिकित्साधिकारी ने चेताया
वृद्ध एवं वयस्क जिनके पास पर्याप्त भोजन, कपड़े व गर्माहट के साधन न हों
खुले व ठंडे कमरे में सोने वाले शिशु
बेघर, खेतों/सड़कों पर काम करने या यात्रा करने वाले लोग
शराब या अवैध ड्रग्स का सेवन करने वाले व्यक्ति
लक्षण पहचानें — जीवन बचाएं
वयस्कों में बार–बार ठिठुरना
अत्यधिक थकावट
भ्रम / याददाश्त में कमी
अस्पष्ट बोलना
सुस्ती और नींद
शिशुओं में चमकदार लाल ठंडी त्वचा,ऊर्जा में कमी
इन संकेतों पर समय न गंवाएं तुरंत चिकित्सीय सहायता दिलाना बेहद जरूरी।
हाइपोथर्मिया में प्राथमिक उपचार मदद की हर सेकंड मायने रखती है
व्यक्ति को गर्म स्थान / आश्रय में लाएँ
गीले कपड़े तुरंत बदलें
कम्बल / तौलिये / कपड़ों की सूखी परतों से गर्माहट दें
गर्म पेय दें — लेकिन मादक पेय बिल्कुल नहीं
बेहोश व्यक्ति को पानी / पेय बिल्कुल न दें
सिर और गर्दन सहित पूरे शरीर को ढककर गर्म रखें
गंभीर स्थिति में तत्काल आपात चिकित्सा सहायता आवश्यक
मुख्य चिकित्साधिकारी की भावनात्मक अपील
शीत लहर केवल मौसम का बदलाव नहीं यह सार्वजनिक स्वास्थ्य का संकट है।परिवार, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें। किसी भी लक्षण को हल्के में न लें, हर नागरिक की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।
सिर,कान,हाथ,पैर ढककर रखें, रात में आग/अंगीठी का उपयोग सुरक्षित दूरी पर व पर्याप्त वेंटिलेशन के साथ करें, किसी भी आपात स्थिति में निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से तत्काल संपर्क करें।
यह एडवाइजरी जनहित में जारी — सुरक्षित रहें, सजग रहें, स्वस्थ रहें।

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