News By- हिमांशु उपाध्याय / नितिन केसरवानी
कौशाम्बी: भरवारी नगर पालिका परिषद में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। भाजपा पार्षद वीरेंद्र गौतम (वार्ड नंबर 7) ने नगर पालिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके वार्ड में किए जा रहे विकास कार्य पूरी तरह मानकविहीन और भ्रष्टाचार से ग्रसित हैं।
वीरेंद्र गौतम के अनुसार, निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने इसका वीडियो प्रमाण भी प्रस्तुत किया, जिसमें घटिया सामग्री और अधूरे काम साफ नजर आ रहे हैं। बावजूद इसके नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी और इंजीनियरों ने कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि ठेकेदार को आदेश दिया गया कि “कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए”।
पार्षद का आरोप है कि नगर पालिका में बिना कमीशन दिए कोई भी कार्य नहीं होता। “यहाँ 40% कमीशन की व्यवस्था चल रही है, और इसी लालच में अधिकारी जनता के हितों की अनदेखी कर रहे हैं,” वीरेंद्र गौतम ने कहा।
भाजपा पार्षद ने बताया कि वे कई बार इस मामले की शिकायत नगर पालिका अध्यक्ष और जिलाधिकारी तक कर चुके हैं, लेकिन अब तक किसी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि “जनता के पैसे से चलने वाले विकास कार्य अगर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते रहे, तो आम लोगों का विश्वास प्रशासन से पूरी तरह उठ जाएगा।”
स्थानीय नागरिकों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर केवल दिखावा किया जा रहा है, जबकि सड़कों, नालियों और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं आज भी बदहाल स्थिति में हैं।
अब देखना यह है कि नगर पालिका परिषद और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है — या यह खबर भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में ही दबी रह जाएगी।