News By- हिमांशु उपाध्याय / नितिन केसरवानी
कौशाम्बी: जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के निर्देश पर जनपद स्तर पर आई.जी.आर.एस. (इंटरग्रेटेड ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम) शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में विशेष आई.जी.आर.एस. सेल का गठन किया गया। इस सेल ने 21 अगस्त 2025 से 2 सितम्बर 2025 तक निस्तारित कुल 212 संदर्भों पर शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लिया। जांच में सामने आया कि 79 शिकायतकर्ता निस्तारण से असंतुष्ट पाए गए। इनमें सबसे अधिक शिकायतें उप जिलाधिकारी सिराथू (25), उप जिलाधिकारी चायल (03), उप जिलाधिकारी मंझनपुर (02), जिला पंचायत राज अधिकारी (05), जिला पूर्ति अधिकारी (04), मुख्य चिकित्साधिकारी (01), मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (01), एलडीएम (01), कई खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी तथा अधिशासी अधिकारी समेत अन्य विभागों के विरुद्ध रहीं। इसके अलावा पुलिस विभाग से भी कुछ शिकायतों पर असंतोष दर्ज हुआ, जिनमें क्षेत्राधिकारी कौशाम्बी, मंझनपुर, थानाध्यक्ष पश्चिम शरीरा, सैनी, कौशाम्बी, कड़ाधाम व चरवा शामिल हैं।
डीएम ने दिखाई सख्ती
प्रभारी अधिकारी (आई.जी.आर.एस.) ने इन सभी अधिकारियों को स्पष्टीकरण देने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी है कि शिकायतों का निस्तारण मात्र औपचारिकता न होकर गुणवत्तापूर्ण और शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने वाला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत निस्तारण में लापरवाही बरती गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी अधिकारी शिकायतकर्ताओं से सीधे वार्ता कर समाधान सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी की इस सख्ती से अधिकारियों में हड़कंप है और उम्मीद जताई जा रही है कि अब आई.जी.आर.एस. संदर्भों के निस्तारण की गुणवत्ता में सुधार होगा।