एएनएम की कमी से बैरसिया के गांवों में टीकाकरण ठप, मातृ-शिशु सेहत पर संकट
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नजीराबाद बेरसिया डॉ सीबीएमओ एवं राजनीतिक संरक्षण में चल रहे भ्रष्टाचार एवं अनियमिताओं की प्रशासन शिकायतें जनसुनवाई भोपाल कलेक्टर एवं विभाग अधिकारी के संज्ञान में होने के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं
संवाददाता राहुल गोस्वामी नजीराबाद
नजीराबाद शिशुओं और माताओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए राज्य व केंद्र सरकारें अनेक योजनाएं चला रही हैं। गांव-गांव में स्वास्थ्य केंद्र खोले जा रहे हैं। मगर राजधानी के ही गांवों में स्वास्थ्य केंद्र अंतिम सांसें भर रहे हैं। समीपस्थ ग्राम नजीराबाद रुनाहा बरखेड़ी देव क्षेत्र के अधिकांश उप स्वास्थ्य केंद्रों पर ए.एन.एम. (सहायक नर्स मिडवाइफ) के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। बीएमओ पुष्पा गुरु ने बताया कि एएनएम कमी के कारण टीकाकरण नहीं हो पा रहा है नजीराबाद क्षेत्र में जो सेंटर खाली पड़े हैं वहां के लिए भोपाल से टीम आएगी महीने में 8 दिन और हफ्ते में दो बार टीकाकरण किया जाएगा जनपद कैलाश अहिराबार ने एक बार पहले भी पत्र लिखकर 16,7,2025 अवगत कराया था की स्टाफ की पूर्ति की जाए ताकि मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े परंतु नजीराबाद स्वास्थ्य केंद्र में अभी तक कोई भी स्टॉप नहीं है सिर्फ दो नर्स है जो काम करती है इसके अलावा कोई भी स्टाफ मौजूद नहीं हैं एक नर्स सिर्फ डिलीवरी करने में रह जाती है और एक नर्स मरीज को देखने में लग जाती है बीएमओ ने बताया स्टॉप नहीं है आखिर कब स्टॉप की पूर्ति होगी स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही अभी तक नहीं की गई स्टॉप की पूर्ति इससे महज टीका लगवाने के लिए भी माताओं और शिशुओं को टीका लगवाने के लिए भोपाल और बैरसिया जाना पड़ रहा है। महिलाओं और शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के मद्देनजर गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, प्रसव पूर्व देखभाल और वर्ष तक के बच्चों का समय पर टी अनिवार्य किया गया है। मगर नजीराबाद रुनाहा बरखेड़ी देव क्षेत्र में लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ी हुई हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण वे और प्रसव की कोई व्यवस्था न होने से प्रसूताओं की जान खतरे में पड़ रही है। इस 1. सांसें भरती व्यवस्था का दुष्परीणाम खितमास उप स्वास्थ्य केंद्र की एक गर्भवती की में मौत के रूप में सामने आई। प्रसव पीड़ा होने पर प्रियंका साहू को परिजन पहले गृह न ग्राम सरखंडी से खितमास उपस्वास्थ्य केंद्र लेकर गए, वहां कोई व्यवस्था न होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रुनाहा लेकर आए। यहां जांच के बाद गर्भवती को भोपाल के सुल्तानिया अस्पताल भेज दिया गया। जहां प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। टीकाकरण और देखभाल न होने के कारण जच्चा-बच्चा की न मौत होना बताया गया। बावूजद इसके स्वास्थ्य विभाग इस क्षेत्र की स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहा। अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर, एएनएम और प्रशिक्षित नर्सों के पद खाली पड़े हैं। जिन स्वास्थ्य केंद्रों या उप केंद्रों 4. न में स्टॉफ पदस्थ भी है तो उसे बैरसिया सिविल अस्पताल की भरपाई के लिए भेज दिया जाता है। बैरसिया अस्पताल में भी डॉक्टरों और स्टाफ की कमी है। इसके चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों की ड्यूटी वहां लगा दी जाती है।