कांग्रेस ने मनरेगा महासंग्राम रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन* *भाजपा सरकार पर जम कर बरसे टेकाम , डागा ने किया तीखा प्रहार*
*कांग्रेस ने मनरेगा महासंग्राम रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन*
*भाजपा सरकार पर जम कर बरसे टेकाम , डागा ने किया तीखा प्रहार*
भैंसदेही/ललित छत्रपाल :- विधानसभा क्षेत्र के अंबेडकर ग्राउंड बस स्टैंड भैंसदेही पर शुक्रवार को कांग्रेस ने मनरेगा महासंग्राम रैली के तहत भव्य धरना-प्रदर्शन और विशाल जनसभा का आयोजन किया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष निलय विनोद डागा ने केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने मनरेगा योजना की कमजोरी, एथनॉल घोटाले और मेडिकल कॉलेज के पीपीपी मॉडल जैसे मुद्दों पर भाजपा की नाकामियां गिनाईं।कार्यक्रम में सैकड़ों ग्रामीण कार्यकर्ता शामिल हुए। निलय डागा ने संबोधन में कहा कि वर्ष 2005 में कांग्रेस सरकार ने मनरेगा कानून लागू कर ग्रामीणों को 100 दिन का गारंटीड रोजगार सुनिश्चित किया था, जिसने गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार दिया। लेकिन भाजपा शासन में इस कानून की मूल भावना को कुचल दिया गया है। गांधी का नाम हटाकर विचारधारा पर हमलाडागा ने भाजपा पर मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य गांधीवादी विचारधारा को मिटाना और कांग्रेस को बदनाम करना है। “भाजपा गांधी जी के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन उनकी विरासत को ही नष्ट करने पर तुली है,” उन्होंने जोर देकर कहा।हिंदू वोटबैंक की राजनीति पर तंजकांग्रेस नेता ने भाजपा की हिंदू-केंद्रित राजनीति पर कटाक्ष किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा हिंदू के नाम पर वोट लेती है, लेकिन किसानों को खाद नहीं, युवाओं को रोजगार नहीं और आमजन को शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध नहीं करा पा रही। “वोट लेने के बाद सब भूल जाते हैं,” डागा ने व्यंग्य किया। एथनॉल प्लांट और मक्का घोटाले का खुलासा डागा ने एथनॉल प्लांट में भाजपा नेताओं की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे किसान मक्का औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने मक्का खरीदी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया और किसानों के शोषण को रोकने की मांग उठाई।मेडिकल कॉलेज पर पीपीपी मॉडल का विरोध बैतूल मेडिकल कॉलेज के सरकारी वादे को लेकर डागा ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अब इसे पीपीपी मॉडल पर निजी संस्था को सौंपा जा रहा है, जहां न मुफ्त इलाज मिलेगा, न सस्ती शिक्षा। “देश के अस्पताल, स्कूल, आईआईटी, आईआईएम और उद्योग कांग्रेस की देन हैं। इन्हीं संस्थानों से पढ़े लोग आज हमें कोस रहे हैं,” डागा ने तंज कसा। ज्ञापन के साथ मांगें धरना समाप्ति पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने तहसील कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली बिल राहत, मक्का खरीदी, यूरिया उपलब्धता और पेयजल गुणवत्ता जांच जैसी मांगें शामिल हैं। जिला अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन तेज होगा।रैली में विधायक प्रतिनिधि, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यह आयोजन मनरेगा मजदूरों के हक के लिए कांग्रेस का व्यापक अभियान का हिस्सा है।