अवैध गांजा तस्करी पर बालकवाडा पुलिस की बड़ी कार्रवाई – 5.3 किलो गांजा के साथ तस्कर गिरफ्तार
राजू पटेल कसरावद(खरगोन)
थाना बलकवाड़ा पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान में एक और सफलता हासिल करते हुए 5 किलो 300 ग्राम अवैध गांजा के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की कीमत लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये बताई गई है। आरोपी के विरुद्ध NDPS एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।
पुलिस महानिरीक्षक इंदौर जोन अनुराग और पुलिस उप महानिरीक्षक निमाड़ रेंज खरगोन सिद्धार्थ बहुगुणा द्वारा जिले में लगातार अवैध मादक पदार्थ तस्करी पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों के परिपालन में पुलिस अधीक्षक खरगोन रविन्द्र वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) बिट्टू सहगल तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमति शकुन्तला रुहल के मार्गदर्शन में सभी थाना प्रभारियों को सतत् कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
उक्त तारतम्य में 20 नवंबर 2025 को थाना बलकवाड़ा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति काले बैग में अवैध गांजा लेकर औरंगपुरा एबी रोड पर खड़ा है और तस्करी करने की फिराक में है। सूचना पर तत्परता दिखाते हुए थाना प्रभारी बलकवाड़ा निरीक्षक रितेश यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई और बताए गए स्थान पर घेराबंदी की गई।
पुलिस टीम को मुखबिर के बताए हुलिए का व्यक्ति सड़क किनारे खड़ा दिखाई दिया, जिसे घेरकर पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम राजेश पिता रामचंद्र बंजारा, निवासी बेल्लोरी, कर्नाटक बताया। उसके पास मौजूद काले बैग की तलाशी लेने पर उसमें अवैध मादक पदार्थ गांजा मिला। जब उससे गांजा रखने के संबंध में किसी वैध दस्तावेज या लाइसेंस के बारे में पूछा गया, तो वह कोई अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका।
पुलिस ने मौके पर ही उसके कब्जे से कुल 5 किलो 300 ग्राम गांजा विधिवत जप्त किया और आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 384/25 धारा 8/20 NDPS एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया। आरोपी की उम्र 29 वर्ष बताई गई है और वह कर्नाटक का निवासी है।
इस कार्रवाई में एसडीओपी श्रीमति श्वेता शुक्ला के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी बलकवाड़ा रितेश यादव के नेतृत्व में उनि अजय दुबे (चौकी प्रभारी खलटाका), सउनि अशोक नैयर, आरक्षक जितेंद्र बघेल, सुमित भदौरिया, महेंद्र ठाकुर, साहिल सेन, धर्मेंद्र सोलंकी, तिलक खरते सहित साइबर सेल के अभिलाष डोंगरे का विशेष योगदान रहा।