आरोप :- *बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट सुधारने सांदीपनी विद्यालय के बच्चों को परोसी जा रही नकल* *चर्चा है कि अशासकीय स्कूली बच्चों के पालकों ने लगाए गंभीर आरोप , की लिखित शिकायत*
आरोप :- *बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट सुधारने सांदीपनी विद्यालय के बच्चों को परोसी जा रही नकल*
*चर्चा है कि अशासकीय स्कूली बच्चों के पालकों ने लगाए गंभीर आरोप , की लिखित शिकायत*
भैंसदेही / ललित छत्रपाल :- हाल ही में एक शिकायत पत्र सामने आया , जिसने सबके होश उड़ा दिए , जिसने संदीपनी विद्यालय भैंसदेही की शिक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया, जिसकी खबर कुछ समाचार पत्रों में छपने के बाद चर्चा का विषय बन गया , अब लोग सांदीपनी की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं, पत्र केन्द्राध्यक्ष शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (पी एम श्री) भैंसदेही जिला बैतूल के नाम लिखा गया , जिसमे शिकायतकर्ताओं ने बोर्ड परीक्षा में हो रही नकल को रूकवाने का निवेदन किया गया , पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया कि कक्षा दसवी , बारहवी की परीक्षा में हो रही नकल को रूकवाने का निवेदन किया गया। आगे बताया कि अशासकीय विद्यालय में अध्ययनरत हमारे बच्चो द्वारा बताया गया कि सांदिपनी स्कूल का परीक्षा परिणाम सुधारने हेतु छात्रो को भरपूर नकल दी जा रही। कक्षो की व्यवस्था भी इस प्रकार बनाई गई है कि अशासकीय विद्यालयो के बच्चो को अलग कक्षो में बैठाया गया है। वहीं सांदिपनी स्कूल के बच्चो को बैठाकर भरपूर नकल कराई जा रही है। यह जानकारी दूसरे बच्चो को न लग पाए यह व्यवस्था भी रखी गई है। जिससे अशासकीय विद्यालय के विद्यार्थियो का मॉरल डाउन हो रहा है। पत्र में शिकायतकर्ताओं ने यह भी उल्लेख किया कि हमारे बच्चो के साथ अध्ययनरत उक्त स्कूल के बच्चो एवं उक्त स्कूल में अध्ययनरत आस-पड़ौस के बच्चो से पूंछने पर भी यह जानकारी प्राप्त हुई है। कि भरपूर नकल करवाई जा रही। और बच्चो ने आराम से बैठकर नकल की है। शिकायतकर्ताओं ने निवेदन किया कि तत्काल अगले पेपर से व्यवस्था सुधारी जाए। व सभी कक्षो के सीसीटी वी केमरा व स्टोरेज डिवाइस चालु रखी जाए एवं टी.वी व्यवस्था सामने रखी जाएं ताकि इच्छुक अभिभावक बाहर से पेपर के दौरान हो रही गतिविधियो को देख सके। व परदर्शिता पूर्ण रूप से बनी रहे। पत्र में यह भी निवेदन किया कि बोर्ड परीक्षा में शासकीय एवं अशासकीय विद्यालय के विद्यार्थियो को वन बाय वन बैठाया जाए। ताकि विद्यार्थियो को भी समस्त जानकारी ज्ञात रहे। उक्त शिकायत 19 फरवरी 2026 को लिखित रूप से की गई थी, जिसका पत्र अब सोशल मीडिया पर जम कर वायरल हो रहा है,
*विकास खंड शिक्षा अधिकारी ने आरोपों को बताया निराधार*
जिसकी पुष्टि के लिए जब प्रभारी विकास खंड शिक्षा अधिकारी एवं प्रभारी प्राचार्य संदीपनी विद्यालय भैंसदेही के संदीप राठौर ने शिक्षा विभाग की ओर से पक्ष रखते हुवे , समस्त आरोपों को सिरे से नकार कर आरोपो को निराधार बताते हुवे बताया कि बैठक की व्यवस्था स्कूल स्तर पर नहीं बनाई जाती है, माध्यमिक शिक्षा मंडल के रोस्टर के हिसाब से नियमानुसार परीक्षा के लिए रूम में रोल नंबर एलाट होते है , जिसकी जानकारी पालकों को पहले ही दे दी जा चुकी थी , परीक्षा में बच्चे उसके अनुसार ही बैठते है, मैने और मेरी टीम ने स्वयं परीक्षा केंद्र का निरक्षण किया है, नकल करवाने जैसे कोई बात नहीं है, किसी बच्चे के साथ कोई भेद भाव नहीं किया जा रहा है, साथ ही केंद्राध्यक्ष एवं सह केंद्राध्यक्ष की निगरानी में पूरी परीक्षा सम्पन्न की जा रही है।
*शिकायत के आधार पर उठ रहे सवाल*
अब सवाल यह उठता है कि विकास खंड शिक्षा अधिकारी के अनुसार जब सब कुछ पारदर्शिता के साथ नियमानुसार परीक्षा सम्पन्न कराई जा रही है तो क्या शिकायतकर्ताओं ने अन्य स्कूलों के बच्चों को छोड़ केवल सांदीपनी विद्यालय के बच्चों को नकल करवाने जैसा संघीन आरोप क्यों लगाए गए , शिकायतकर्ताओं की सांदीपनी विद्यालय के बच्चों के साथ क्या दुश्मनी हो सकती हैं, यदि सब कुछ सही हैं तो विकास खंड शिक्षा अधिकारी भैंसदेही द्वारा शिकायतकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कराई गई, क्या बोर्ड परीक्षा सीसीटीवी की निगरानी में सम्पन्न नहीं कराई जा रही हैं। ऐसे बहुत से सवाल शिकायत पत्र सामने आने के बाद उठ रहे हैं, जिनके जवाब मिलना अभी बाकी है। उक्त सेंटर के केंद्राध्यक्ष पर भी उठ रहे सवाल..?.