*हिंदी के प्रचार-प्रसार हेतु अखिल भारतीय अग्नि शिखा मंच द्वारा काव्य संगोष्ठी संपन्न*
खंडवा। हिंदी के प्रचार-प्रसार को समर्पित एक भव्य काव्य संगोष्ठी का आयोजन अखिल भारतीय अग्नि शिखा मंच द्वारा किया गया। संगोष्ठी में मुख्य अतिथि श्रीलंका से पधारी अतीला कोतलावल (संस्थापक निदेशक, हिंदी संस्थान श्रीलंका), कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर एवं शून्य से शिखर फाउंडेशन की अध्यक्ष चंद्रकला सिंह ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में खंडवा (मप्र.) से पधारे आ. केबी मंसारे (प्रदेशाध्यक्ष, पब्लिक फोरम मप्र.) तथा उत्तराखंड से पधारी वरिष्ठ साहित्यकारा पुष्पलता जोशी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कोपरखैरने, सेक्टर-1 स्थित देविका रो हाउस नवीं मुंबई में आयोजित इस काव्य गोष्ठी के मंच की अध्यक्ष डॉ. अलका पांडे ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा कि इस संगोष्ठी का उद्देश्य केवल साहित्यिक चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि हिंदी को जन-जन तक पहुँचाना, बच्चों में हिंदी के प्रति संवेदनशीलता और प्रेम जागृत कर इसे वैश्विक स्तर पर रोजगारोन्मुख भाषा के रूप में स्थापित करना है।उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी सांस्कृतिक पहचान है और इसे नयी पीढ़ी से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। अग्नि शिखा मंच भविष्य में देश-विदेश के विभिन्न मंचों पर जाकर हिंदी के प्रचार-प्रसार हेतु कार्यक्रम आयोजित करेगा तथा हाल ही में अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन का सफल आयोजन भी इसी दिशा में एक सशक्त कदम है। मुख्य अतिथि अतीला कोतलावल ने श्रीलंका में हिंदी की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अब तक उन्होंने हज़ारों बच्चों को हिंदी शिक्षा प्रदान की है, जिसके परिणामस्वरूप अनेक युवा प्रतिष्ठित संस्थानों में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि रोजगार सृजन का माध्यम भी बननी चाहिए और इसके लिए गंभीर एवं सतत प्रयास आवश्यक हैं। कार्यक्रम के साहित्यिक सत्र में हिंदी विषय पर कवि पवन तिवारी, रामस्वरूप साहू, डॉ. अलका पांडे, शिवकुमार सिंह, कनकलता तिवारी, सीमा त्रिवेदी, सत्यभामा सिंह, चित्रा गुप्ता, मालती सिंह, चंद्रिका व्यास, डॉ. प्रभा सागर, शिल्पा सोनटके, वंदना श्रीवास्तव, अश्विन पांडे, कविता झा, त्रिलोचन सिंह अरोड़ा, स्नेहा रानी गायकवाड, भारतीय बोरडेकर, विशंभर दयाल तिवारी, मदन गोपाल गुप्ता, ओमप्रकाश सिंह, अनिल कुमार राही, भारत भूषण शारदा, डॉ. मंजू गुप्ता, दिलीप ठक्कर, सुरेंद्र प्रसाद गई, ओमप्रकाश पांडे, केबी मंसारे, बरखा ठाकरे, सुशील नाचीज, रेखा किंगर, शोभा स्वप्निल, कुमार जैन, नंदलाल थापर, राकेश अरोड़ा, कमलेश गुप्ता सहित साहित्यकार कवियों ने अपनी-अपनी भावपूर्ण रचनाएँ प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम का सफल संचालन कुमार जैन एवं अंत में आभार अश्विन पांडे ने व्यक्त किया।