भोपाल के दशहरा मैदान में उमड़ा जनसैलाब, सरकार के प्रति आक्रोश का स्पष्ट संकेत
भोपाल के दशहरा मैदान में आज आयोजित ओबीसी, एससी, एसटी संयुक्त मोर्चा की “संविधान बचाओ–आरक्षण बचाओ” आक्रोश रैली एवं महा आंदोलन में उमड़ा विशाल जनसैलाब यह साफ दर्शाता है कि प्रदेश की जनता के भीतर सरकार के प्रति गहरा असंतोष और आक्रोश व्याप्त है।
सरकार ने स्वयं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने जवाब में यह स्वीकार किया है कि प्रदेश में ओबीसी वर्ग की जनसंख्या 52 प्रतिशत से अधिक है और यह भी कहा गया कि ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण डंके की चोट पर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सार्वजनिक रूप से इसकी घोषणा की, किंतु घोषणा के बावजूद आज तक 27 प्रतिशत आरक्षण को धरातल पर लागू नहीं किया गया।
आज़ादी के 52 वर्ष बीत जाने के बाद भी पिछड़े वर्गों को उनका संवैधानिक अधिकार और न्याय नहीं मिल पाया। आरक्षण के नाम पर केवल राजनीतिक बयानबाज़ी की जा रही है। 13 प्रतिशत आरक्षण के होल्ड होने के कारण हजारों युवाओं का भविष्य अंधकार में चला गया, प्रतियोगी परीक्षाओं, नियुक्तियों और पदोन्नतियों पर इसका सीधा दुष्प्रभाव पड़ा है।
इतना सब होने के बावजूद सरकार अब भी 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने से बचती नजर आ रही है, जो न केवल सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है, बल्कि संविधान की मूल भावना के साथ भी अन्याय है।
आज की यह रैली स्पष्ट चेतावनी है कि यदि सरकार ने शीघ्र ही ठोस निर्णय लेकर 27% ओबीसी आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू नहीं किया, तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप लेगा। जनता अब केवल आश्वासन नहीं, संवैधानिक अधिकारों की गारंटी चाहती है।