Breaking News in Primes

अमरकंटक की पावन धरती पर गोंडवाना आंदोलन के जननायक दादा हीरासिंह मरकाम जी की प्रतिमा का भव्य अनावरण

0 11

अमरकंटक की पावन धरती पर गोंडवाना आंदोलन के जननायक दादा हीरासिंह मरकाम जी की प्रतिमा का भव्य अनावरण

 

ज्ञानेंद्र पांडेय 8516868379

अनूपपुर

अमरकंटक क्षेत्र की पावन धरती अमूरकोट एक बार फिर इतिहास की साक्षी बनी, जब गोंडवाना आंदोलन के जननायक, जल–जंगल–जमीन के प्रखर प्रहरी एवं आदिवासी अस्मिता के प्रतीक दादा हीरासिंह मरकाम जी की जन्म जयंती के अवसर पर उनकी भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। यह आयोजन केवल एक स्मृति कार्यक्रम नहीं, बल्कि गोंडवाना की आत्मा, संघर्ष और स्वाभिमान का सार्वजनिक उद्घोष था।

मेला ग्राउंड, अमूरकोट में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में प्रतिमा का अनावरण पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक माननीय श्री फुन्देलाल सिंह मार्को जी द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम जी ने की। जैसे ही दादा हीरासिंह मरकाम जी की प्रतिमा से आवरण हटाया गया, पूरा वातावरण “जय गोंडवाना” के नारों से गूंज उठा। उपस्थित जनसमूह की आँखों में श्रद्धा, हृदय में गर्व और चेहरे पर आत्मसम्मान की झलक स्पष्ट दिखाई दी।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री गुड्डू चौहान जी, आदिवासी कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री आशुतोष सिंह मार्को जी, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष श्री रफी अहमद जी, युथ कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष श्री बिरू तंबोली जी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, युवाजन और गोंडवाना समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि दादा हीरासिंह मरकाम जी केवल एक व्यक्ति नहीं थे, वे एक विचार थे, एक आंदोलन थे। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन आदिवासी समाज के अधिकार, पहचान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। जल–जंगल–जमीन की रक्षा, सामाजिक न्याय और स्वशासन के लिए उनका संघर्ष आज भी लाखों आदिवासी दिलों की धड़कन बना हुआ है।

वक्ताओं ने कहा कि यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें यह संदेश देगी कि अन्याय के सामने झुकना नहीं, बल्कि संगठित होकर संघर्ष करना ही गोंडवाना की असली पहचान है। दादा हीरासिंह मरकाम जी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि स्वाभिमान, एकता और संघर्ष से समाज का भविष्य बदला जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने दादा हीरासिंह मरकाम जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। आयोजन शांतिपूर्ण, गरिमामय एवं ऐतिहासिक वातावरण में संपन्न हुआ।

दादा जी को शत्-शत् नमन। आपका विचार अमर है, आपका संघर्ष अमर है, और गोंडवाना आंदोलन आपकी प्रेरणा से निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

This error message is only visible to WordPress admins

Error 403: The request cannot be completed because you have exceeded your quota..

Domain code: youtube.quota
Reason code: quotaExceeded

Error: No videos found.

Make sure this is a valid channel ID and that the channel has videos available on youtube.com.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!