एक बगिया मां के नाम के हितग्राही के खेत पहुंची रीवा कलेक्टर। फलोद्यान पौधारोपण का निरीक्षण करते हुए हितग्राहियों से की संवाद।
एक बगिया मां के नाम के हितग्राही के खेत पहुंची रीवा कलेक्टर।
फलोद्यान पौधारोपण का निरीक्षण करते हुए हितग्राहियों से की संवाद।
*अरविंद सिंह परिहार रीवा*
कलेक्टर रीवा प्रतिभा पाल ने रीवा जनपद के बिहरा गावं में स्वसहायता समूह की सदस्यों सरस्वती साकेत एवं कमला साकेत के खेत में पहुंचकर फलोद्यान पौधारोपण का निरीक्षण कर योजना को सीमित संसाधन से आय ले रहे हितग्राहियों के लिए लाभप्रद बताया है।
कलेक्टर ने हितग्राही से संवाद करते हुए फलोद्यान पौधारोपण के संबंध में जानकारी प्राप्त की। माया स्वसहायता समूह की सदस्य सरस्वती साकेत ने बताया कि आधा एकड़ जमीन में 50 आम के पेड़ लगाए गए हैं। जिनमें दशहरी, आम्रपाली तथा सुंदरजा आदि प्रजातियाँ शामिल हैं। उन्होंने बताया कि गेंहू की फसल के बगल में पौधे लगाए गए हैं। बड़े होने पर यह पौधे फल देंगे और जमीन में सब्जी एवं अन्य फसलों का उत्पादन मिलता रहेगा। इस अवसर पर बताया गया कि बिहरा गावं में स्वसहायता समूह से जुड़ी महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में हैं जिनकी खेती, किराना एवं सिलाई के कार्य से एक लाख रुपए तक की आमदनी है। इस गावं की स्वसहायता समूह की सभी महिलाएं लखपति दीदी हैं तथा गरीबी मुक्त भी हैं। कलेक्टर ने ग्रामवासियों एवं समूह के सदस्यों से अपेक्षा की कि गावं के युवाओं को स्वरोजगार के लिए जागरूक करें। शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़कर स्वरोजगार के क्षेत्र में युवाओं को आत्मनिर्भर किया जा सकता है। उन्होंने स्वसहायता समूह के सदस्यों को गावंवासियों को जागरूक करने की अपील करते हुए कहा कि यह गावं शहर से जुड़ा हुआ गावं है जहाँ फलोद्यान, सब्जी उत्पादन सहित अन्य कई गतिविधियों से आय प्राप्त कर आत्मनिर्भर बना जा सकता है।
भ्रमण के दौरान सीईओ जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर ने बताया कि स्वसहायता समूह के सदस्यों को सीएलएफ से ऋण की भी सुविधा है। एक बगिया माँ के नाम योजना में पौधारोपण के लिए स्थल चयन कर जल की उपलब्धता का आकलन करते हुए फेंसिंग एवं पौधों को क्रय करने के लिए हितग्राही को राशि प्रदान करने की जानकारी दीहै। इस अवसर पर सीईओ जनपद रीवा पूनम दुबे, जिला पंचायत नरेगा प्रभारी शिवकुमार सोनी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।