संघ शताब्दी वर्ष पर पंच परिवर्तन का संकल्प
संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित हिंदू सम्मेलनों में समाज को संगठित, जागरूक और संस्कारित बनाने आग्रह और संकल्प किया जा रहा है। किया गया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। माता चौक बस्ती , खंडवा में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री नितेश जी पाटीदार ने संघ की स्थापना, उसके उद्देश्य और सौ वर्षों की राष्ट्रसेवा की यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। आपने कहा कि संघ की सौ वर्ष की यात्रा समाज को जोड़ने, राष्ट्रभक्ति जगाने और सेवा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन लाने की प्रेरक कथा है। एवं मातृशक्ति वक्त शालिनी चंदेल प्रधानाचार्य सरस्वती शिशु विद्या मंदिर आंनद नगर खंडवा ने संघ द्वारा प्रस्तुत पंच परिवर्तन को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए समाज से इसे अपने दैनिक जीवन में उतारने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि समरसता से सामाजिक भेदभाव समाप्त होगा और समाज मजबूत बनेगा। कुटुंब प्रबोधन के माध्यम से परिवारों में संस्कार, संवाद और राष्ट्रीय चेतना का विकास होगा। पर्यावरण संरक्षण को केवल अभियान नहीं बल्कि जीवनशैली बनाने की आवश्यकता है। स्वदेशी अपनाकर देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकता है तथा नागरिक कर्तव्य के प्रति जागरूक रहकर हर व्यक्ति राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को इन पंच परिवर्तनों को अपनाने का संकल्प भी दिलाया।
इस अवसर पर महंत मुनि महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू समाज को तोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, ऐसे में समाज को सजग और संगठित रहना होगा। इतिहास साक्षी है कि हिंदुओं की आपसी कमजोरी का लाभ उठाकर विघटनकारी शक्तियाँ शासन करती रही हैं, इसलिए एकजुटता ही समाज की वास्तविक शक्ति है। शिक्षा के साथ संस्कारों की भी आवश्यकता है उन्होंने समाज से अपनी सांस्कृतिक जड़ों को पहचानने और गर्व के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में भारत माता की आरती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ की गई, जिसके पश्चात सामूहिक भोजन का आयोजन हुआ।