*”हिंदी भारत माता के माथे की बिंदी”, सद्भावना मंच ने मनाया हिन्दी दिवस*
खंडवा विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर सद्भावना मंच ने विचार गोष्ठी आयोजित की। मंच संस्थापक प्रमोद जैन ने विचार व्यक्त करते हुए कहां हिंदी भारत माता के माथे की बिंदी है। जब सरकार बड़े-बड़े फैसले ले सकती है। धारा 370 हटा सकती है।राष्ट्र एकता के और भी फैसले हुए हैं। तो फिर सामंजस्य स्थापित कर हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित क्यों नहीं किया जाता। साहित्यकार अनूप शर्मा ने विश्व परिदृश्य में हिंदी के महत्व को बताया। आनंद तोमर ने भी विचार व्यक्त किए। त्रिलोक चौधरी एवं अर्जुन बुंदेला ने कविता पाठ किया। कार्यक्रम में देश भक्ति के तथा अन्य गानों की प्रस्तुति योगेश गुजराती, राजेश खांडे, सुनील सोमानी, दिलीप गंगराड़े, अशोक जैन, नरेंद्र दवे, विजया द्विवेदी, राधेश्याम शाक्य, सुभाष मीणा द्वारा दी गई।