News By- नितिन केसरवानी
सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ 2025 की सफलता प्रयागराज की नई पहचान का आधार बना है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज पर मां गंगा की असीम कृपा है। महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए। दुनिया का कौन सा देश और भारत का कौन सा प्रदेश ऐसा था, जो यहां नहीं पहुंचा? त्रिवेणी संगम में स्नान कर हर कोई पुण्य का भागीदार बना। उन्होंने कहा कि अब प्रयागराज को वाराणसी के बगल में बताने की जरूरत नहीं, यह अपनी वैश्विक पहचान बना चुका है। सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज का अर्थ है महामिलन स्थल। यहां गंगा-यमुना-सरस्वती का मिलन है, तो भगवान राम और निषाद राज का मिलन भी है। मैं निषादराज जयंती और नवरात्रि की शुभकामनाएं देता हूं।
महाकुंभ ने प्रयागराज को दी वैश्विक पहचान- सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ की सफलता सनातन धर्म की शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इतना भव्य आयोजन केवल राम भक्त और राष्ट्रनिष्ठ लोग ही कर सकते हैं। यह मां गंगा, भगवान राम, निषाद राज और द्वादश माधव की कृपा का परिणाम है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महाकुंभ में योगदान देने वाले प्रशिक्षित गाइड, नाविकों और होम स्टे संचालकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ के बहाने प्रयागराज का चौतरफा विकास हुआ है। हनुमान जी कॉरिडोर, अक्षयवट कॉरिडोर, मां सरस्वती कॉरिडोर, पातालपुरी कॉरिडोर, महर्षि भारद्वाज कॉरिडोर, नागवासुकी कॉरिडोर और द्वादश माधव कॉरिडोर ने प्रयागराज को नई पहचान दी है। यह स्मार्ट सिटी से आगे एक प्रभावशाली शहर बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज शुरु की गई 579 करोड़ रुपये की परियोजनाएं मेडिकल कॉलेज अपग्रेडेशन, पेयजल योजनाएं और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स में प्रयागराज को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। सीएम योगी ने मां गंगा की अविरलता और निर्मलता पर जोर देते हुए कहा कि यह हमारी विरासत और दिव्यता की प्रतीक है। नाविकों और गाइडों ने मेहनत से महाकुंभ को सफल बनाया और अपनी आजीविका को सशक्त किया।